
गुमा में धूमधाम से मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस, जय बूढ़ादेव के जयकारों से गूंजा गांव
पलारी। बलौदाबाजार जिले के विकासखंड पलारी अंतर्गत ग्राम पंचायत गुमा में विश्व आदिवासी दिवस धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया गया। आदिवासी समुदाय द्वारा लगातार चौथे वर्ष आयोजित कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में समाज के लोग शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत आदिवासी समुदाय के आराध्य देव जय बूढ़ादेव की पूजा-अर्चना से हुई। इसके बाद महिलाओं और छोटे बच्चों ने कलश यात्रा निकाली। डीजे की धुन पर बड़े-बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने नृत्य करते हुए तथा जय बूढ़ादेव के जयकारे लगाते हुए गांव की विभिन्न गलियों का भ्रमण किया।
कार्यक्रम में आदिवासी समाज के सदस्यों ने कहा कि समाज के लोगों का जल, जंगल और जमीन के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। आदिवासी समाज के अनेक वीरों ने न केवल समाज बल्कि देश और प्रदेश के लिए भी महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी समाज के महान प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने देश के आदिवासी समाज के अधिकारों और सम्मान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया। आज भी उनकी जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई जाती है।
वक्ताओं ने कहा कि छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज ने अपनी कला, संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखते हुए प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को समृद्ध किया है। विश्व आदिवासी दिवस समाज की संस्कृति, परंपरा और अधिकारों के संरक्षण का संदेश देता है।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत गुमा के समस्त ग्रामवासियों की भी बड़ी संख्या में उपस्थिति रही। पूरे गांव में उत्सव और पारंपरिक संस्कृति का माहौल देखने को मिला।















