
गड्ढों से छलनी सड़कें दे रहीं हादसों को न्योता, आखिर मरम्मत के लिए क्यों करना पड़ता है चुनाव का इंतजार?
नगर की अधिकांश सड़कें बनीं जानलेवा, नागरिकों ने सड़क मरम्मत में लापरवाही और प्राथमिकताओं पर उठाए सवाल
संवाददाता: हरि देवांगन
जय जोहार सीजी न्यूज़ | चांपा
चांपा। बरसात शुरू होते ही नगर की सड़कों की बदहाल स्थिति एक बार फिर सामने आ गई है। शहर के कई प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से जुड़े संपर्क मार्ग बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुके हैं। बारिश के कारण इन गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को भी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर की अधिकांश सड़कें वर्षों से मरम्मत की बाट जोह रही हैं। उनका आरोप है कि सड़कों की सुध केवल चुनाव के समय ही ली जाती है। चुनाव से पहले आचार संहिता लागू होने से पूर्व जल्दबाजी में मरम्मत या निर्माण कार्य शुरू किए जाते हैं, लेकिन उनकी गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठते हैं।
नागरिकों के अनुसार, विधानसभा चुनाव से पहले बनाई गई कुछ सड़कें कुछ ही महीनों में उखड़ने लगी थीं। इसके बाद समय पर मरम्मत नहीं कराई गई, जिससे वर्तमान में सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं और लगातार दुर्घटनाओं को न्योता दे रही हैं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि विभिन्न समाचार माध्यमों में लगातार इन बदहाल सड़कों की खबरें प्रकाशित होने के बावजूद संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधियों द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। लोगों के बीच यह चर्चा आम हो गई है कि सड़कों की तस्वीर शायद अगली चुनावी घोषणा से पहले ही बदलेगी।
वहीं, नागरिकों ने यह भी सवाल उठाया है कि नगर में कई स्थानों पर बिना स्थानीय मांग के नई नालियों का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि जर्जर सड़कों की मरम्मत प्राथमिकता नहीं बन पा रही है। उनका कहना है कि पहले से बनी कई नालियां जाम और बदहाल स्थिति में हैं, जिनके रखरखाव पर ध्यान देने के बजाय नई नालियों के निर्माण पर जोर दिया जा रहा है। लोगों ने इस संबंध में पारदर्शिता और जिम्मेदार एजेंसियों से जवाबदेही की मांग की है।















