
भाले राय मैदान बहा रहा कुप्रबंधन के आंसू, खेल प्रतिभाओं को लग रहा कीचड़ का टीका
चांपा। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा ‘खेलो इंडिया’ अभियान को बढ़ावा देने के बावजूद चांपा नगर के एकमात्र प्रमुख खेल मैदान भाले राय स्टेडियम की बदहाल स्थिति खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनी हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, साल में करीब छह महीने मैदान उपयोग के लायक नहीं रहता। बारिश के बाद पूरे मैदान में कीचड़ और गंदगी फैल जाती है, जिससे खिलाड़ियों के लिए अभ्यास करना मुश्किल हो जाता है।

मैदान की समस्या कोई नई बात नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों से जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के बाद मैदान तालाब में तब्दील हो जाता है। गर्मी के चार-पांच महीनों को छोड़ दिया जाए तो वर्ष के अधिकांश समय मैदान की स्थिति खराब बनी रहती है।
अभ्यास के लिए खिलाड़ी जाएं तो जाएं कहां?
नगर में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है, लेकिन उन्हें अभ्यास के लिए पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। नगर का प्रमुख खेल मैदान ही कीचड़ से भरा होने के कारण खिलाड़ियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि भविष्य के खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के दावों के बीच स्थानीय प्रतिभाएं आखिर अभ्यास करें तो कहां करें?

स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर विकास के नाम पर विभिन्न निर्माण कार्य तो हो रहे हैं, लेकिन सार्वजनिक खेल मैदान की मूलभूत समस्याओं, खासकर जल निकासी, पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
दशहरा उत्सव पर भी मंडरा रहा अव्यवस्था का खतरा
इस वर्ष 20 अक्टूबर को दशहरा उत्सव आयोजित होना है। आयोजन स्थल के रूप में मैदान की वर्तमान स्थिति को देखते हुए आयोजन की तैयारियों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने के कारण मैदान का बड़ा हिस्सा कीचड़ से भरा हुआ है। यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं किया गया तो दशहरा उत्सव के दौरान भी अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।
रेत और डस्ट डालकर समस्या दबाने के बजाय स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय लोगों का कहना है कि मैदान को तत्काल उपयोग लायक बनाने के लिए यदि सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रॉली रेत या डस्ट डालकर कीचड़ को सुखाने का प्रयास किया गया, तो इससे समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा। इसके बजाय जनता के टैक्स के पैसे का अतिरिक्त खर्च होने की आशंका है।
लोगों की मांग है कि मैदान में स्थायी जल निकासी व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि हर वर्ष बारिश के बाद यही समस्या दोबारा पैदा न हो।

‘खेलो इंडिया’ जैसे अभियानों के बीच चांपा के खिलाड़ियों को एक बेहतर और सुरक्षित मैदान मिलना जरूरी है। अब देखना होगा कि नगर के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि और अधिकारी भाले राय स्टेडियम की इस समस्या को कब तक गंभीरता से लेते हैं और खिलाड़ियों के लिए मैदान को कब तक व्यवस्थित किया जाता है।
संवाददाता — हरिराम देवांगन
जिला उप मुख्यालय, चांपा
















