
चांपा डाकघर से जुड़े एजेंट पर करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोप, 150 से अधिक जमाकर्ता प्रभावित होने की आशंका
पहले दीपक देवांगन और अब कृष्ण कुमार गुप्ता का नाम चर्चा में, पुलिस जांच के बाद सामने आएंगे पूरे तथ्य
चांपा। चांपा प्रधान डाकघर से जुड़ी जमा योजनाओं में कथित धोखाधड़ी का एक और मामला सामने आने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। डाकघर के एजेंट के रूप में काम करने वाले कृष्ण कुमार गुप्ता और उनकी मां लक्ष्मी गुप्ता पर जमाकर्ताओं से करोड़ों रुपये की राशि लेकर उसे संबंधित खातों में जमा नहीं करने के आरोप लगाए जा रहे हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में 150 से अधिक जमाकर्ताओं के प्रभावित होने तथा रकम एक करोड़ रुपये से अधिक होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, वास्तविक राशि और प्रभावित खाताधारकों की संख्या जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बताया जा रहा है कि कृष्ण कुमार गुप्ता लंबे समय से डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं और रिकरिंग डिपॉजिट (RD) में बेहतर ब्याज एवं रिटर्न का भरोसा दिलाकर लोगों से रकम जमा करवाते थे। कथित तौर पर वे घर पहुंच सेवा के नाम पर जमाकर्ताओं से पैसे लेते थे, लेकिन कई मामलों में रकम संबंधित डाकघर खातों में जमा नहीं की गई।
संदेह के बाद शिकायत से खुला मामला:
जानकारी के अनुसार, एक जमाकर्ता को अपने खाते में जमा राशि को लेकर संदेह हुआ, जिसके बाद चांपा थाने में शिकायत की गई। जांच के दौरान कथित रूप से ऐसे कई मामले सामने आने लगे, जिनमें जमाकर्ताओं द्वारा एजेंट को दी गई रकम और उनके डाकघर खातों में दर्ज रकम में अंतर पाया गया।
आरोप है कि कई जमाकर्ताओं ने लंबे समय तक कृष्ण कुमार गुप्ता को रकम दी, लेकिन खाते की जानकारी या जमा राशि मांगने पर उन्हें कथित तौर पर टालमटोल का सामना करना पड़ा। मामले में ऑनलाइन गेमिंग, सट्टा अथवा अन्य गतिविधियों में रकम लगाए जाने की बातें भी सामने आने का दावा किया जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और वास्तविक स्थिति पुलिस एवं संबंधित विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
छह महीने पहले भी सामने आया था ऐसा ही मामला:
चांपा में यह पहला मामला नहीं है। लगभग छह माह पहले दीपक कुमार देवांगन नामक व्यक्ति पर भी डाकघर से जुड़े जमाकर्ताओं की बड़ी रकम में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया था। उस मामले में भी 200 से अधिक जमाकर्ताओं और एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के प्रभावित होने की बात सामने आई थी।
एक के बाद एक सामने आ रहे ऐसे मामलों ने डाकघर की जमा योजनाओं में एजेंटों के माध्यम से पैसा जमा करने वाले लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय स्तर पर जमाकर्ताओं के बीच इस मामले को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
जमाकर्ताओं को सतर्क रहने की जरूरत:
ऐसे मामलों से बचने के लिए जमाकर्ताओं को किसी एजेंट को नकद राशि देने से पहले उसकी रसीद अवश्य लेनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि रकम वास्तव में उनके डाकघर खाते में जमा हुई है। खाते की पासबुक, ऑनलाइन रिकॉर्ड अथवा डाकघर से प्राप्त आधिकारिक रसीद के माध्यम से समय-समय पर जमा राशि का सत्यापन करना भी जरूरी है।
फिलहाल कृष्ण कुमार गुप्ता से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले की जांच विभिन्न स्तरों पर किए जाने की जानकारी है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि कुल कितनी राशि का लेन-देन हुआ और कितने जमाकर्ता वास्तव में प्रभावित हुए।
जय जोहार छत्तीसगढ़ न्यूज़
संवाददाता – हरी देवांगन

















