
भगवान परशुराम चौक की बदहाल यातायात व्यवस्था नगर सरकार के लिए गंभीर चुनौती, नजरअंदाज करने की परंपरा जारी
जय जोहार सीजी न्यूज़ | संवाददाता: हरिराम देवांगन | चांपा जिला उप मुख्यालय चांपा का हृदय स्थल भगवान परशुराम चौक आज भी अव्यवस्थित यातायात के कारण नगर सरकार और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। आस्था के प्रमुख केंद्र होने के साथ-साथ यह चौक शहर के सबसे व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्रों में शामिल है, जहां रोजमर्रा की आवश्यक वस्तुओं की अनेक दुकानें संचालित हैं और चारों दिशाओं से वाहनों एवं राहगीरों की लगातार आवाजाही रहती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी यातायात के बावजूद नगर पालिका, जिला प्रशासन और यातायात विभाग द्वारा व्यवस्था सुधारने के लिए अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। यही कारण है कि लोगों के बीच यह चौक अब “डेंजर जोन” के नाम से पहचाना जाने लगा है।
दुकानदारों द्वारा किए गए कथित अतिक्रमण से चौक पहले की तुलना में और संकरा हो गया है। ऐसे में यात्री बसों, भारी वाहनों, दोपहिया चालकों और पैदल राहगीरों को हर दिन जोखिम उठाकर इस चौक से गुजरना पड़ता है। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि कई दुर्घटनाओं और हादसों के बावजूद व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया।

ट्रैफिक व्यवस्था के नाम पर केवल पीला इंडिकेटर:
भगवान परशुराम चौक के आसपास एक प्ले स्कूल, तीन उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नगर पालिका कार्यालय, ट्रॉमा सेंटर, जल संसाधन विभाग तथा बस स्टैंड स्थित हैं। प्रतिदिन हजारों छात्र-छात्राएं इसी चौक से होकर स्कूल आते-जाते हैं। इसके अलावा यह मार्ग कोरबा बाईपास से भी जुड़ा हुआ है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि वर्षों पहले ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने के नाम पर केवल एक काले खंभे पर पीले रंग का इंडिकेटर लगाया गया था, लेकिन उसके बाद कभी इसकी प्रभावी निगरानी या संचालन नहीं हुआ। आरोप है कि यह इंडिकेटर बिना किसी ट्रैफिक नियंत्रण प्रणाली के लगातार स्वतः जलता-बुझता रहता है और यातायात नियंत्रित करने में कोई भूमिका नहीं निभाता।
नागरिकों की मांग:
नगरवासियों ने भगवान परशुराम चौक पर नियमित ट्रैफिक पुलिस की तैनाती, अतिक्रमण हटाने, आधुनिक ट्रैफिक सिग्नल लगाने, स्पीड ब्रेकर, ज़ेब्रा क्रॉसिंग और सड़क सुरक्षा संबंधी आवश्यक व्यवस्थाएं तत्काल लागू करने की मांग की है। उनका कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।














