
नगर सरकार की अनदेखी या लापरवाही? स्पीड ब्रेकर नहीं बनने से ‘मौत का रास्ता’ बना गौरव पथ, राहगीरों में दहशत
चांपा। जिला उपमुख्यालय चांपा में परशुराम चौक से गौरव पथ होते हुए कोरबा की ओर जाने वाला बायपास मार्ग लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण लोगों में भय का कारण बन गया है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कई बार स्पीड ब्रेकर बनाने की मांग के बावजूद नगर पालिका और संबंधित विभागों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार इसी मार्ग पर ट्रॉमा सेंटर, जल संसाधन विभाग, नगर पालिका कार्यालय तथा महाराणा प्रताप बस स्टैंड स्थित हैं, जिससे दिनभर भारी वाहनों, यात्री बसों और अन्य वाहनों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में तेज रफ्तार वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।
क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि इस मार्ग पर पहले भी कई सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें लोगों की जान जा चुकी है और कई घायल हुए हैं। उनका आरोप है कि लगातार हादसों के बावजूद जिम्मेदार विभागों ने स्पीड ब्रेकर या अन्य यातायात सुरक्षा उपायों की व्यवस्था नहीं की।

स्थानीय लोगों ने यह भी बताया कि इसी मार्ग पर एक सरकारी शराब दुकान संचालित है, जहां से कई लोग नशे की हालत में सड़क पर निकलते हैं। इससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। नागरिकों का मानना है कि यातायात नियंत्रण और सुरक्षा उपायों के साथ इस समस्या पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
लिखित मांग के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई:
नगर के प्रबुद्ध नागरिकों ने पूर्व में नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर परशुराम चौक से गौरव पथ तक स्पीड ब्रेकर निर्माण की लिखित मांग की थी। उनका कहना है कि आवेदन दिए जाने के काफी समय बाद भी इस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे लोगों में नाराजगी है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि सड़क सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए शीघ्र स्पीड ब्रेकर का निर्माण कराया जाए, भारी वाहनों की आवाजाही पर नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए तथा यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए, ताकि भविष्य में होने वाली दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
संवाददाता : हरिराम देवांगन
जय जोहार सीजी न्यूज़













