
बार-बार शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, नियमों की उड़ रही धज्जियां
तिल्दा-नेवरा। तिल्दा स्थित कोयला रैक पॉइंट एक बार फिर विवादों में घिर गया है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों द्वारा लगातार शिकायतें किए जाने के बावजूद संबंधित विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं किए जाने पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
शनिवार सुबह सामने आए वीडियो और तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बड़े-बड़े पोखलेन वाहनों की मदद से मालगाड़ी के डिब्बों से कोयला उतारने का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान भारी मात्रा में धूल उड़ रही है, जबकि धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे एवं पर्यावरण संबंधी नियमों के अनुसार जेसीबी या पोखलेन जैसे भारी वाहन मालगाड़ी के डिब्बों को सीधे स्पर्श नहीं कर सकते, लेकिन रैक पॉइंट पर खुलेआम नियमों की अनदेखी कर कोयला अनलोडिंग की जा रही है। इसके बावजूद न तो स्टेशन प्रबंधन द्वारा कोई कार्रवाई की जा रही है और न ही आरपीएफ अथवा संबंधित विभागों द्वारा।
नगर पालिका अध्यक्ष चंद्रकला डॉ. खुमान वर्मा सहित कई पार्षदों ने कोयला रैक पॉइंट को हटाने एवं अनियमितताओं पर रोक लगाने के लिए विभिन्न विभागों को लिखित शिकायत एवं ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कोयला रैक पॉइंट के कारण पूरे शहर में कोयले की धूल फैल रही है, जिससे वातावरण प्रदूषित हो रहा है। वहीं भारी वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों की हालत भी बदतर हो गई है।
लगातार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नागरिकों के बीच यह चर्चा तेज हो गई है कि आखिर इस कोयला रैक पॉइंट को किसका संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते नियमों को ताक पर रखकर संचालन जारी है। नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।














