
चांपा में 9 अक्टूबर को मां दुर्गा का भव्य आगमन, आतिशबाजी और दीपोत्सव से होगा स्वागत
सेंट्रल बैंक के पास तैयारियां तेज, ढोल-नगाड़ों की थाप पर हटरी के दुर्गा पंडाल तक ले जाई जाएगी मां भगवती की प्रतिमा
चांपा। नगर में शारदीय नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इसी कड़ी में 9 अक्टूबर को सेंट्रल बैंक के पास मां दुर्गा की भव्य एवं आकर्षक प्रतिमा के आगमन पर भव्य स्वागत की तैयारियां की जा रही हैं। इस दौरान आतिशबाजी, ढोल-ताशों की गूंज और दीपोत्सव के बीच मां भगवती की अगवानी की जाएगी। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
दुर्गा उत्सव समिति के सदस्यों के अनुसार, मां दुर्गा की प्रतिमा के आगमन को लेकर व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। सेंट्रल बैंक के पास स्वागत कार्यक्रम आयोजित करने के बाद प्रतिमा को श्रद्धालुओं की टोली के साथ भजन-कीर्तन, ढोल-नगाड़ों और दीपोत्सव के बीच हटरी स्थित दुर्गा पंडाल तक ले जाया जाएगा। इसके बाद विधि-विधान से मां भगवती की स्थापना की जाएगी।
वर्षों से चली आ रही है भव्य स्वागत की परंपरा:
चांपा में मां दुर्गा के आगमन पर सेंट्रल बैंक के पास भव्य स्वागत करने की परंपरा कई वर्षों से निभाई जा रही है। हर वर्ष श्रद्धालु आतिशबाजी, ढोल-ताशों और भक्तिमय जयकारों के साथ मां का स्वागत करते हैं। समिति के सदस्य इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए उत्साहपूर्वक जुटे हुए हैं। आयोजन को लेकर नगरवासियों और भक्तों में विशेष उत्साह है। समिति ने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर इस धार्मिक आयोजन में सहभागी बनने की अपील की है।
हटरी का दुर्गा पंडाल बना श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
नगर के हृदय स्थल हटरी स्थित सब्जी बाजार में स्थापित होने वाला विशाल दुर्गा पंडाल लंबे समय से धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां मां भगवती की भव्य प्रतिमा स्थापित कर नौ दिनों तक विधि-विधान से पूजा-अर्चना, आराधना और धार्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं। इस वर्ष भी आकर्षक पंडाल निर्माण और पूजा की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं।
मां के नौ स्वरूपों की स्थापना रही विशेष पहचान
हटरी के दुर्गा पंडाल की एक विशेष पहचान मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की स्थापना और उनकी विधिवत पूजा-अर्चना की परंपरा भी रही है। मां शैलपुत्री, ब्रह्मचारिणी, चंद्रघंटा, कूष्मांडा, स्कंदमाता, कात्यायनी, कालरात्रि, महागौरी और सिद्धिदात्री के स्वरूपों की आराधना के माध्यम से श्रद्धालु नौ दिनों तक भक्तिभाव में लीन रहते हैं।
9 अक्टूबर को मां भगवती के आगमन के साथ ही नगर में धार्मिक उल्लास और भक्तिमय वातावरण देखने को मिलेगा। समिति के सदस्य आयोजन को सफल बनाने के लिए जुटे हुए हैं।






















