
चांपा में मेंटेनेंस के नाम पर पेड़ों की कटाई, सड़क पर बिखरा कचरा; राहगीर परेशान, सवाल—सफाई करेगा कौन?
चांपा। दीपावली से पहले निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के नाम पर विद्युत मंडल के कर्मचारियों द्वारा नगर में पेड़ों की डालियों की कटाई की गई। लेकिन कटाई के बाद सड़क और सार्वजनिक स्थल पर फैले कचरे को हटाने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा, यह बड़ा सवाल बन गया है। नगर के डाकघर के मुख्य गेट के सामने पेड़ों की कटी डालियां और पत्तियां बिखरी पड़ी हैं, जिससे यहां आने-जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

मेंटेनेंस के नाम पर बार-बार बिजली कटौती:
स्थानीय विद्युत अधिकारियों के निर्देश पर कर्मचारियों ने हाईटेंशन विद्युत तारों के संपर्क में आने वाली पेड़ों की डालियों की कटाई की। बताया जा रहा है कि दीपावली के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई।
हालांकि, स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि तीन दिन पहले भी सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक बिजली बंद रखकर मेंटेनेंस का कार्य किया गया था। इसके बावजूद मेंटेनेंस के बाद भी बार-बार बिजली कटौती की समस्या बनी हुई है।

वहीं, 6 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से छोटे-बड़े व्यापारियों, दुकानदारों और आम उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान सहित कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
डाकघर के मुख्य गेट पर छोड़ गए कचरा:
इस पूरे मामले में सबसे गंभीर सवाल पेड़ों की कटाई के बाद फैली गंदगी को लेकर उठ रहा है। बताया जा रहा है कि विद्युत कर्मचारियों ने सुबह करीब 11 बजे डाकघर के मुख्य गेट पर लगे गुलमोहर के पेड़ की डालियों की कटाई कर दी। स्थानीय लोगों के अनुसार पेड़ को लगभग ठूंठ की स्थिति में पहुंचा दिया गया।

लोगों का कहना है कि यदि विद्युत सुरक्षा की दृष्टि से पेड़ों की कटाई जरूरी थी तो इसमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन कटाई के बाद कटी हुई डालियों और पत्तियों को सड़क पर बिखरा छोड़ देना उचित नहीं है।
कर्मचारी चाहते तो पूरे कचरे को एक किनारे व्यवस्थित तरीके से रख सकते थे, ताकि डाकघर में आने-जाने वाले लोगों और राहगीरों को परेशानी न हो। लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
कहां हैं जिम्मेदार अधिकारी?
इस घटना के बाद विद्युत मंडल के कार्यपालन अभियंता और संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की निगरानी और कटाई के बाद सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करना भी विभाग की जिम्मेदारी है।
यदि मेंटेनेंस के नाम पर पेड़ों की कटाई की जा रही है तो उसके बाद निकले कचरे का उचित निपटान भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
स्थानीय रहवासियों में नाराजगी:
डाकघर के आसपास रहने वाले लोगों ने विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर मनमाने तरीके से काम करने का आरोप लगाया है। लोगों का कहना है कि एक ओर घंटों बिजली बंद रखी जाती है, वहीं दूसरी ओर पेड़ों की डालियां काटकर सार्वजनिक रास्ते पर कचरा छोड़ दिया जाता है।
स्थानीय नागरिकों ने विद्युत विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों से मांग की है कि सड़क पर फैली कटी हुई डालियों और पत्तियों को तत्काल हटवाया जाए तथा भविष्य में मेंटेनेंस कार्य के दौरान आम नागरिकों की सुविधाओं और स्वच्छता का भी ध्यान रखा जाए।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब विद्युत मंडल के कर्मचारी मेंटेनेंस के नाम पर हरियाली काटकर चले जाते हैं, तो उसके बाद फैले कचरे को हटाने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?






















