
रावन की स्कूल बस हादसे का शिकार, 40-50 बच्चों की जान बाल-बाल बची, चालक पर नशे में होने का आरोप
बलौदाबाजार/चुंचरुंगपुर। स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रावन स्थित ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की बस शुक्रवार शाम करीब 5 बजे चुंचरुंगपुर मोड़ के पास अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बाउंड्री और पेड़ से जा टकराई। हादसे के वक्त बस में लगभग 40 से 50 बच्चे सवार थे। अचानक हुई इस घटना से बस में सवार बच्चों के बीच चीख-पुकार मच गई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई और सभी बच्चों की जान बाल-बाल बच गई।
चुंचरुंगपुर मोड़ पर हुआ हादसा:
जानकारी के अनुसार, रावन स्थित ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आसपास के कई गांवों के बच्चे पढ़ाई करते हैं। शुक्रवार को स्कूल की छुट्टी होने के बाद बस बच्चों को लेकर उनके गांवों की ओर लौट रही थी। इसी दौरान चुंचरुंगपुर मोड़ के पास बस अचानक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे स्थित बाउंड्री तथा पेड़ से जा टकराई। टक्कर इतनी अचानक हुई कि बस में बैठे बच्चे घबरा गए। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में मदद की।

कई गांवों के बच्चे करते हैं इसी बस से सफर:
बताया जा रहा है कि ज्ञानोदय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में चुंचरुंगपुर, छिराही, सरसेनी, गुमा और अमलडीह सहित आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में बच्चे अध्ययनरत हैं। ये बच्चे प्रतिदिन स्कूल बस से आवागमन करते हैं। ऐसे में बस दुर्घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिन वाहनों में रोजाना दर्जनों मासूम बच्चे सफर करते हैं, उनके संचालन में विशेष सावधानी और सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य होना चाहिए।
चालक पर नशे में वाहन चलाने का गंभीर आरोप:
हादसे के बाद ग्रामीणों ने बस चालक पर नशे की हालत में वाहन चलाने का गंभीर आरोप लगाया है। हालांकि, चालक के नशे में होने की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बस सड़क से दूसरी दिशा में चली जाती या किसी अन्य वाहन से टकरा जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले को ग्रामीणों ने गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी पर उठे सवाल:
घटना के बाद स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी और स्कूल बसों की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि बस चालक की मेडिकल जांच कराई जाए तथा स्कूल में संचालित सभी बसों की फिटनेस, परमिट, बीमा और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि बच्चों को ले जाने वाले चालक नशामुक्त हों और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें।
ग्रामीणों ने प्रशासन से की कार्रवाई की मांग:
ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन एवं परिवहन विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब स्कूल बस में 40 से 50 बच्चे सफर कर रहे थे, तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी किसकी थी? क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही स्कूल प्रबंधन और जिम्मेदार विभाग बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर होंगे?
फिलहाल इस घटना ने स्कूल बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
नोट: चालक के नशे में होने का आरोप ग्रामीणों द्वारा लगाया गया है। इसकी पुष्टि मेडिकल जांच एवं प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी।






















