
महर्षि वाल्मीकि जयंती पर धमतरी में प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित
धमतरी। प्रथम महाकाव्य रामायण के रचयिता, आदिकवि एवं भारतीय संस्कृति के अधिष्ठाता महर्षि वाल्मीकि जी की जयंती और शरद पूर्णिमा के शुभ अवसर पर 25 अक्टूबर 2026 को स्थानीय गोंडवाना भवन, धमतरी में प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम भारतीय दलित साहित्य अकादमी, छत्तीसगढ़ राज्य के तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर साहित्य, शिक्षा, संस्कृति एवं सामाजिक क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया।
महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ: कार्यक्रम का शुभारंभ महर्षि वाल्मीकि जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में भारतीय दलित साहित्य अकादमी की महासंरक्षक श्रीमती सुशीला देवी वाल्मीकि (धमतरी) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता भिलाई के प्रसिद्ध रंगकर्मी श्री प्रमोद कुमार ताम्रकार ने की। वहीं बालोद के लोक कलाकार श्री विष्णु राम कोठारी एवं अर्जुन्दा की व्याख्याकार श्रीमती सुरूचि साहू विशेष अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन प्रो. जी.आर. बंजारे ‘ज्वाला’ ने किया।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन:
समारोह में नव ज्योति महिला मानस मंडली, बोड़ेना द्वारा महर्षि वाल्मीकि जी की जीवनी पर संगीतमय व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। वहीं मोर गंवई गंगा धरती के फूल लोक कला जागृति, ताराशिव (बलौदाबाजार) की सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका मिथलेश देवी ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुति से उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध किया।
बालोद जिले के लोक कलाकार द्वारिका प्रसाद कश्यप, पुरनलाल महादेवा एवं संतराम आसनिक ने राजगीत की प्रस्तुति दी। वहीं पाटन के व्याख्याकार श्री हेमलाल साहू ने सुमधुर भजन प्रस्तुत कर कार्यक्रम को भक्तिमय बना दिया।

विभिन्न क्षेत्रों की प्रतिभाओं का हुआ सम्मान:
समारोह में शैक्षणिक, साहित्यिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में दिलीप दुर्गम (दंतेवाड़ा), डॉ. ओमेश्वरी देवांगन (बीजापुर), सरस्वती राघव (रायपुर), अनामिका ठाकुर (राजनांदगांव), परदेशी रात्रे (रायगढ़), कु. मनीषा कन्नौजे (खैरागढ़), बिन्द्रम बिन्दु जायसी (बिलासपुर), प्रदीप चटर्जी (भिलाई), गोपाल कुर्रे (सक्ती), कु. ऋचा मारकण्डे (महासमुंद), सौम्या पाण्डे (जगदलपुर), कृतराम यादव (बलौदाबाजार), रेवतलाल ढीढ़ी (दुर्ग) एवं गीतांजली साहू (धमतरी) सहित अन्य प्रतिभाएं शामिल रहीं।

प्रबुद्ध नागरिकों की रही उपस्थिति:
कार्यक्रम में प्रेम सायमन, डॉ. रोहनलाल भारद्वाज, मदन लहरे, डॉ. भरतदास मानिकपुरी, सुनील बंजारे, रानी टंडन, कल्याण साहू, अश्वनी कश्यप, कृष्णा मिरी, डॉ. टेकराम साहू, इंद्र कुमार साहू, दर्शन मिरी, डॉ. दासरथी जांगड़े, ज्ञानवती मैत्रेय, रोशनी निर्वाण, आंचल मेश्राम एवं मनोज भारती सहित अनेक प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
समारोह के अंतिम चरण में नेशनल फेलोशिप अवार्ड प्राप्तकर्ताओं को शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।
महर्षि वाल्मीकि जयंती के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने साहित्य, संस्कृति, सामाजिक चेतना और प्रतिभाओं के सम्मान के माध्यम से उनके योगदान को याद करने का अवसर प्रदान किया।






















