
अपोलो कंपनी रिंगनी में मजदूरों के शोषण का आरोप, समय पर नहीं मिल रहा वेतन, सैलरी स्लिप भी नहीं
हथबंद/रिंगनी। रिंगनी स्थित अपोलो कंपनी में कार्यरत मजदूरों और कर्मचारियों ने शोषण का गंभीर आरोप लगाया है। मजदूरों का कहना है कि उन्हें न तो समय पर वेतन का भुगतान किया जा रहा है और न ही वेतन के साथ सैलरी स्लिप दी जा रही है।

पीड़ित मजदूरों ने बताया कि 15-15 दिन तक पेमेंट लेट किया जाता है। वहीं सैलरी स्लिप के संबंध में ठेकेदार से शिकायत करने पर उन्हें धमकाया जाता है और काम से निकालने की धमकी दी जाती है। डर के कारण कई मजदूर खुलकर सामने आने से कतरा रहे हैं।
स्थानीय को रोजगार नहीं, बदहाल है रहने की व्यवस्था
जानकारी लेने पर पता चला कि कंपनी में क्षेत्रीय मजदूरों की संख्या महज 10 प्रतिशत है, जबकि 80 प्रतिशत मजदूर अन्य राज्यों से लाए गए हैं। मजदूरों ने बताया कि रहने की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। साफ-सफाई और शौचालय की व्यवस्था न होने से खुले में शौच करने को मजबूर हैं। एक-एक कमरे में 6 से 8 लोगों को रहने को मजबूर किया जा रहा है।

मजदूरों ने बताया कि सैलरी स्लिप न मिलने से यह भी पता नहीं चल पाता कि उनका पीएफ, ईएसआई कट रहा है या नहीं और कितनी राशि काटी जा रही है। अपोलो कंपनी के मुख्य गेट के पास सूचना बोर्ड पर शासन के नियम लिखे हैं, लेकिन ठेकेदार की मनमानी और दादागिरी के सामने कंपनी और कलेक्टर के नियम कानून धरे के धरे रह गए हैं। कंपनी प्रबंधन को शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

नियम क्या कहता है:
शासन के नियमानुसार 8 घंटे कार्य के अतिरिक्त कार्य कराने पर दोगुना मेहनताना देना होगा। कलेक्टर दर पर कार्यरत कुशल, अकुशल, अर्द्धकुशल, अतिकुशल सभी श्रेणी के कर्मचारियों से अपोलो कंपनी में 12 घंटे काम लिया जा रहा है, लेकिन भुगतान सिर्फ 12 घंटे का ही किया जा रहा है, ओवरटाइम का नहीं। मजदूरों का आरोप है कि इस तरह ठेकेदार द्वारा उनके हक की मोटी रकम लूटी जा रही है।
मजदूरों ने जिला प्रशासन और श्रम विभाग से मामले की जांच कर न्याय दिलाने की मांग की है।






















