
🚨 चांपा रेलवे स्टेशन पर अव्यवस्थाओं का अंबार! त्योहार के बाद यात्रियों की भीड़, एक टिकट खिड़की के भरोसे सैकड़ों लोग; वेंडिंग मशीन पर भी कर्मचारी नदारद
ट्रेन आते ही टिकट और सफर के लिए मची आपाधापी, बिना टिकट यात्रा की मजबूरी और दुर्घटना की आशंका के बीच रेलवे प्रशासन की व्यवस्था पर उठे सवाल
चांपा। त्योहारों के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन को विशेष व्यवस्था करनी चाहिए, लेकिन चांपा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को टिकट के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दशहरा पर्व के बाद बुधवार सुबह बड़ी संख्या में यात्री अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए स्टेशन पहुंचे। इस दौरान टिकट काउंटर पर लंबी कतारें लगी रहीं और सैकड़ों यात्री एक ही टिकट खिड़की से टिकट लेने के लिए जूझते नजर आए। वहीं, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर भी कर्मचारी की अनुपस्थिति के कारण यात्रियों को अपेक्षित सुविधा नहीं मिल सकी।

स्टेशन पर दिखाई दी इस अव्यवस्था ने रेलवे प्रशासन की तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब त्योहारों के दौरान यात्रियों की संख्या बढ़ने की जानकारी पहले से रहती है, तो फिर अतिरिक्त टिकट काउंटर और कर्मचारियों की व्यवस्था क्यों नहीं की गई? यात्रियों को समय पर टिकट उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? ये ऐसे सवाल हैं, जिनका जवाब रेलवे प्रशासन को देना चाहिए।

🔴 एक टिकट खिड़की के भरोसे सैकड़ों यात्री, ट्रेन आते ही मची अफरा-तफरी:
कोरबा, रायगढ़, रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए चांपा रेलवे स्टेशन महत्वपूर्ण केंद्र है। त्योहारों के बाद ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ना स्वाभाविक है। वहीं, लोकल से लेकर सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों तक में आरक्षित सीटों की उपलब्धता भी सीमित हो जाती है।
ऐसे समय में स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलना और कर्मचारियों की संख्या बढ़ाना आवश्यक हो जाता है। लेकिन बुधवार सुबह करीब 7 बजे चांपा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को एक ही टिकट खिड़की से टिकट लेने के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ा।

स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब ट्रेन आने का समय हुआ। टिकट लेने और ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में यात्रियों के बीच आपाधापी देखने को मिली। समय पर टिकट नहीं मिलने के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। सवाल यह है कि जब त्योहारों के दौरान ऐसी स्थिति बनने की पूरी संभावना रहती है, तो रेलवे प्रशासन ने पहले से व्यवस्था क्यों नहीं बनाई?
🔴 ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर कर्मचारी नदारद, यात्री होते रहे परेशान:
रेलवे स्टेशनों पर टिकट काउंटरों की भीड़ कम करने और यात्रियों को आसानी से टिकट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन की सुविधा दी जाती है। इस व्यवस्था का लाभ तभी मिल सकता है, जब यात्रियों को मशीन के उपयोग की जानकारी देने और जरूरत पड़ने पर उनकी सहायता करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध हों।
लेकिन चांपा रेलवे स्टेशन पर सुबह के समय मशीन के पास कर्मचारी की अनुपस्थिति के चलते कई यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। मशीन से टिकट लेने का प्रयास कर रहे कुछ यात्रियों को भी निराशा हाथ लगी। वहीं, मशीन के उपयोग में लगने वाले समय को लेकर यात्रियों के बीच कहासुनी की स्थिति भी देखने को मिली।
यदि मशीन पर प्रशिक्षित कर्मचारी मौजूद रहता और अतिरिक्त टिकट खिड़कियों की व्यवस्था होती, तो संभवतः यात्रियों को इस तरह की परेशानी नहीं उठानी पड़ती। ऐसे में सवाल उठता है कि त्योहार के बाद यात्रियों की संभावित भीड़ के बावजूद संबंधित अधिकारियों ने पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती क्यों नहीं की?

🔴 बिना टिकट ट्रेन पकड़ने की नौबत, दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं
टिकट काउंटर पर लंबी कतार और ट्रेन छूटने का डर यात्रियों के लिए परेशानी का कारण बनता है। ऐसी स्थिति में कुछ यात्री टिकट लेने की कोशिश छोड़कर ट्रेन पकड़ने के लिए दौड़ते नजर आए। इससे बिना टिकट यात्रा की आशंका के साथ-साथ जल्दबाजी में दुर्घटना होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
यात्री नियमानुसार टिकट लेकर यात्रा करना चाहते हैं, लेकिन यदि समय पर टिकट उपलब्ध कराने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं हो, तो उन्हें गंभीर असुविधा का सामना करना पड़ता है। हालांकि, अव्यवस्था किसी भी स्थिति में बिना टिकट यात्रा को उचित नहीं ठहराती। रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी है कि यात्रियों को टिकट खरीदने के लिए पर्याप्त समय और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि वे नियमों का पालन करते हुए सुरक्षित यात्रा कर सकें।
ट्रेन पकड़ने की जल्दबाजी में प्लेटफॉर्म पर दौड़ना, धक्का-मुक्की करना या बिना टिकट ट्रेन में चढ़ने का प्रयास करना यात्रियों की सुरक्षा के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। ऐसे में समय रहते व्यवस्था सुधारना जरूरी है।
🔴 त्योहार हर साल आते हैं, फिर व्यवस्था बनाने में चूक क्यों?
त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या बढ़ना कोई नई बात नहीं है। दशहरा, दीपावली, छठ पूजा और अन्य प्रमुख पर्वों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से दूसरे शहरों की यात्रा करते हैं। ऐसे में रेलवे प्रशासन से अपेक्षा की जाती है कि वह यात्रियों की संभावित संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष इंतजाम करे।
अतिरिक्त टिकट काउंटर खोलना, टिकट वेंडिंग मशीन पर कर्मचारी तैनात करना, यात्रियों को कतारबद्ध करना और प्लेटफॉर्म पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना रेलवे की प्राथमिकताओं में शामिल होना चाहिए।
लेकिन चांपा रेलवे स्टेशन पर सामने आई स्थिति ने इन तैयारियों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। जब यात्रियों की भीड़ बढ़ने का अनुमान पहले से लगाया जा सकता है, तो फिर यात्रियों को अव्यवस्था का सामना क्यों करना पड़े?
🔴 यात्रियों की मांग—अतिरिक्त काउंटर खोलें, वेंडिंग मशीन पर कर्मचारी करें तैनात
चांपा रेलवे स्टेशन पर टिकट लेने के दौरान यात्रियों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए रेलवे प्रशासन को तत्काल व्यवस्था सुधारने की जरूरत है। त्योहारों और छुट्टियों के दौरान यात्रियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त टिकट खिड़कियां खोली जानी चाहिए। साथ ही, ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन पर प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि यात्रियों को मशीन से टिकट लेने में परेशानी न हो।
इसके अलावा, ट्रेन आने के समय प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने और संभावित दुर्घटनाओं को रोकने के लिए भी आवश्यक इंतजाम किए जाने चाहिए।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि चांपा रेलवे स्टेशन पर यात्रियों को बेहतर सुविधा और सुरक्षित यात्रा का माहौल उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी किसकी है? क्या रेलवे प्रशासन इस अव्यवस्था को गंभीरता से लेते हुए व्यवस्था में सुधार करेगा, या फिर यात्रियों को हर त्योहार के बाद इसी तरह परेशानियों से जूझना पड़ेगा?
फिलहाल, चांपा रेलवे स्टेशन पर टिकट व्यवस्था को लेकर उठे सवालों के बीच यात्रियों को राहत मिलने और रेलवे प्रशासन की ओर से आवश्यक कदम उठाए जाने की प्रतीक्षा है।





















