
संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल/ बड़ी खबर | रायपुर में जमीन विवाद, प्रदूषण और मारपीट का गंभीर मामला
एक ही व्यक्ति की तीन शिकायतों से प्रशासन और उद्योग पर उठे सवाल
रायपुर। राजधानी रायपुर से एक ही व्यक्ति द्वारा की गई तीन अलग-अलग शिकायतों ने प्रशासनिक व्यवस्था और औद्योगिक गतिविधियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
⚠️ जमीन पर कब्जा और मारपीट का आरोप: आवेदक जितेन्द्र चक्रधारी ने थाना उरला में शिकायत दर्ज कराई है कि ग्राम गुम्मा स्थित उनकी जमीन पर अवैध कब्जा कर सड़क निर्माण किया जा रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी दी गई।
इतना ही नहीं, घटना के दौरान उन्हें कुछ समय के लिए बंधक बनाकर रखा गया और उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया गया।
🏭 फैक्ट्री पर प्रदूषण फैलाने का आरोप: दूसरी शिकायत में Prime Ispat Private Limited पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शिकायत के अनुसार, फैक्ट्री से निकलने वाला रासायनिक युक्त गंदा पानी बिना शोधन के आवेदक की जमीन में छोड़ा जा रहा है, जिससे करीब 2.5 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है। इससे जमीन की उर्वरता खत्म हो रही है और आसपास के ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह कृत्य जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1974 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 का उल्लंघन है।
📢 उच्च स्तर पर कार्रवाई की मांग: पीड़ित ने प्रशासन से अवैध कब्जा, सड़क निर्माण, प्रदूषण, मारपीट और धमकी जैसे गंभीर मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
🚨 प्रशासन से प्रमुख मांगें:
स्थल निरीक्षण कर तत्काल जांच/ प्रदूषित पानी के सैंपल की जांच/अवैध कब्जा और निर्माण कार्य पर रोक/दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई/पीड़ित की सुरक्षा सुनिश्चित करना
❓ फिलहाल स्थिति क्या है?
मामला प्रशासन और संबंधित विभागों के संज्ञान में है। अब देखना होगा कि रायपुर प्रशासन और पर्यावरण विभाग इस गंभीर मामले में क्या कार्रवाई करते हैं।














