
संवाददाता राजू पाल/ गोवंश पर अत्याचार थमने का नाम नहीं, प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
बलौदाबाजार।
जिले के सिमगा थाना क्षेत्र से एक बेहद संवेदनशील और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां जंगल क्षेत्र में खार के नाले के पास मवेशियों के अवशेष पाए गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मृत मवेशियों को खुले में फेंका गया था, जिन्हें गिद्ध, कौवे और कुत्ते नोचते हुए दिखाई दिए।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह घटना कोई एक दिन की नहीं, बल्कि लंबे समय से इस तरह की गतिविधियां जारी हैं। घटना स्थल पर अलग-अलग स्थानों पर मवेशियों के अंग बिखरे होने की बात भी सामने आई है, जिससे क्षेत्र में आक्रोश और भय का माहौल है।
पहले भी सामने आ चुके हैं ऐसे मामले:
जिले के विश्रामपुर, दामाखेड़ा और किरवई जैसे क्षेत्रों में भी पहले इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद इन मामलों पर स्थायी रोक नहीं लग पाई है, जिससे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
संगठनों के दावों पर उठे सवाल: क्षेत्र में सक्रिय विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा समय-समय पर गोवंश संरक्षण के दावे किए जाते रहे हैं, लेकिन ऐसी घटनाओं के सामने आने के बाद इन दावों की प्रभावशीलता पर भी प्रश्न खड़े हो रहे हैं।
प्रशासन ने कही कार्रवाई की बात:
इस मामले को लेकर संबंधित अधिकारियों का कहना है कि: “हमें इस प्रकार की घटनाओं की सूचना मिली है। हाल ही में ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है और आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।”
जांच और कार्रवाई का इंतजार:
अब देखना यह होगा कि खबर के सामने आने के बाद प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
वीडियो देखने के लिए नीचे दिए गए लिंक को टच कीजिए, हाथ पैर तोड़ने पर जमानती धारा लगता है क्या कमेंट में बताइए?













