
ज्ञापन के बाद हरकत में आया शिक्षा विभाग, जांच टीम पहुंची कोहका स्कूल
बीईओ नीलाधर सिन्हा ने शिक्षकों को अभिभावकों के सम्मान और बच्चों के अधिकारों को लेकर दी समझाइश
तिल्दा-नेवरा (संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल)। ग्राम पंचायत कोहका स्थित शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला में छात्र के साथ कथित प्रताड़ना के मामले को लेकर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) एवं कनौजिया जायसवाल समाज द्वारा सोमवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) नीलाधर सिन्हा को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद शिक्षा विभाग हरकत में आया। बीईओ के निर्देश पर गठित जांच टीम मंगलवार को विद्यालय पहुंची और मामले की जांच की।
जांच टीम ने विद्यालय में शिक्षकों, विद्यार्थियों एवं अन्य संबंधित पक्षों से जानकारी ली। इस दौरान ने शिक्षकों को समझाइश देते हुए कहा कि विद्यालय में आने वाले प्रत्येक अभिभावक का सम्मानपूर्वक स्वागत किया जाए तथा उनसे शालीनता से बातचीत की जाए। किसी भी अभिभावक से ऊंची या कठोर आवाज में बात करना उचित नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि विद्यालय में पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे को स्कूल में हुई किसी भी घटना की जानकारी अपने माता-पिता को बताने का पूरा अधिकार है। साथ ही किसी भी छात्र के अभिभावक को विद्यालय आने के लिए किसी विशेष अनुमति की आवश्यकता नहीं होती। अभिभावक अपने बच्चों की पढ़ाई, सुरक्षा एवं विद्यालय में पदस्थ शिक्षकों की जानकारी लेने का अधिकार रखते हैं। विद्यालय का संचालन शिक्षकों, विद्यार्थियों और अभिभावकों के आपसी विश्वास एवं सहयोग से ही बेहतर ढंग से हो सकता है।

शिवसेना एवं कनौजिया जायसवाल समाज के प्रतिनिधियों ने जांच का स्वागत करते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग। उन्होंने कहा कि यदि जांच में शिकायत सही पाई जाती है तो संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।














