
✍️ संवाददाता: धीरेंद्र कुमार जायसवाल
“ग्राम पंचायत कोहका में ‘भगवान रूपी सचिव’ के दर्शन दुर्लभ – ग्रामीणों ने पूजा-अर्चना से लगाई गुहार”
📍 कोहका (छत्तीसगढ़):
ग्राम पंचायत कोहका में इन दिनों एक अजीबो-गरीब स्थिति बनी हुई है। यहां के सचिव के दर्शन करना किसी चमत्कार से कम नहीं रह गया है। ग्रामीणों का कहना है कि महीनों बीत जाते हैं, लेकिन सचिव कब आते हैं और कब चले जाते हैं, इसका किसी को पता ही नहीं चलता।
ग्रामीणों की मानें तो जब भी कोई जरूरी कार्य लेकर पंचायत भवन पहुंचते हैं, तो सचिव नदारद मिलते हैं। मजबूरी में उन्हें अपने छोटे-छोटे कामों के लिए भी जनपद कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। इससे समय और धन दोनों की बर्बादी हो रही है।
स्थिति इतनी विचित्र हो गई है कि अब ग्रामीणों ने व्यंग्यात्मक अंदाज में सचिव को “भगवान रूपी” मान लिया है। गांव में चर्चा है कि शायद अब सचिव के दर्शन पाने के लिए पूजा-पाठ और हवन ही एकमात्र उपाय बचा है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह हालात रहे, तो वे पंचायत भवन में नारियल चढ़ाकर विधिवत पूजा-अर्चना करेंगे, ताकि “भगवान रूपी सचिव” के दर्शन सुलभ हो सकें और गांव के कार्य समय पर पूरे हो सकें।
🪔 भावना और व्यंग्य का संगम:
ग्रामीणों की पीड़ा अब व्यंग्य के रूप में सामने आ रही है। यह न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारी की अनुपस्थिति से आम जनता कितनी परेशान है।
📢 मांग:
ग्रामीणों की प्रशासन से मांग है कि पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि आम लोगों को अपने कार्यों के लिए भटकना न पड़े।
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