
नगर सरकार के नाक के नीचे “पौनी पसारी” बनी ऐशगाह! सार्वजनिक जगह पर छलकता जाम, बिखरे गिलास दे रहे गवाही
जय जोहार सीजी न्यूज़ | ब्यूरो चीफ: हरिराम देवांगन
जिला उप मुख्यालय चांपा
चांपा नगर में गरीब तबके को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से शासन की योजनाओं के तहत नया बस स्टैंड एवं नवीन नगर पालिका के पास “पौनी पसारी योजना” के अंतर्गत लाखों-करोड़ों रुपये खर्च कर शेडनुमा व्यवसाय स्थल तैयार किया गया था। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदारों ने इस योजना को धरातल पर उतारने में कभी गंभीरता नहीं दिखाई।
योजना का मकसद था कि जरूरतमंद लोगों को यहां दुकान/स्थल आवंटित कर स्व रोजगार उपलब्ध कराया जाए, लेकिन यह सपना आज तक साकार नहीं हो पाया। नतीजा यह है कि जो जगह स्वरोजगार का केंद्र बननी थी, वही अब असामाजिक तत्वों का अड्डा बनती नजर आ रही है।
छलकता जाम, डगमगाती व्यवस्था:
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस स्थान पर खुलेआम शराबखोरी की जा रही है। कई बार यहां बिखरे हुए गिलास और शराब की बोतलें भी देखी जा चुकी हैं, जो मौके की स्थिति की गवाही देती हैं। वहीं असामाजिक तत्वों की मौजूदगी से नगर की शांति व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
बताया जा रहा है कि इसी परिसर के पास विवेकानंद गार्डन स्थित है, जहां सुबह-शाम परिवारजन टहलने पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस क्षेत्र में फैली अव्यवस्था नगर सरकार की लापरवाही को उजागर कर रही है।
कानून के बावजूद खुला उल्लंघन:
छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम के तहत सार्वजनिक स्थानों पर शराब सेवन प्रतिबंधित है, फिर भी न नगर पालिका का ध्यान है, न आबकारी विभाग की सक्रियता दिखती है और न ही कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार प्रशासन की मौजूदगी।
करोड़ों की योजना बदहाली में:
कभी स्व रोजगार का आधार बनने वाली यह योजना आज अव्यवस्था की भेंट चढ़ चुकी है। करोड़ों की लागत से बना यह स्थल अब नगर सरकार के माथे पर बदनुमा दाग बनकर खड़ा है और लोगों के मन में लगातार सवाल पैदा कर रहा है कि आखिर जिम्मेदार कब जागेंगे?
राज्य सरकार की अनदेखी से जिम्मेदार बे-लगाम:
स्थानीय जनों का कहना है कि नगर सरकार द्वारा योजनाओं के नाम पर शासन से बड़ी धनराशि तो प्राप्त कर ली जाती है, लेकिन कार्य को अधूरा या बदहाल छोड़ दिया जाता है।
आश्चर्य की बात यह भी है कि शासन स्तर पर इन योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट, परीक्षण और प्रभावी उपयोग को लेकर कोई ठोस निगरानी नहीं दिखती। यही वजह है कि जनहित की योजनाएं बन तो जाती हैं, लेकिन बाद में व्यवस्था के अंधकार में डूब जाती हैं।
स्थानीय मांग:
अब लोगों की मांग है कि पौनी पसारी योजना के तहत बने इस स्थल को तत्काल व्यवस्थित कर
✅ वास्तविक जरूरतमंदों को दुकान/स्थल आवंटन किया जाए
✅ असामाजिक गतिविधियों पर सख्त कार्रवाई हो
✅ पुलिस गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए
✅ सार्वजनिक शराबखोरी पर आबकारी विभाग कार्रवाई करे
अब देखने वाली बात होगी कि नगर सरकार और प्रशासन इस गंभीर मुद्दे पर कब तक चुप्पी साधे रहते हैं।
(जय जोहार सीजी न्यूज़ के लिए रिपोर्ट: ब्यूरो चीफ हरिराम देवांगन, चांपा)














