
हरिओम विश्वकर्मा की रिपोर्ट। मूलभूत सुविधाओं से वंचित महिलाएं, फूटा आक्रोश…
पलारी। पलारी ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत ओटगन में शासन द्वारा दी जाने वाली मूलभूत सुविधाओं से गांव की महिलाएं पिछले कई वर्षों से वंचित हैं। इसको लेकर गांव की महिलाओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि दो से तीन पंचवर्षीय बीत जाने के बावजूद आज तक उन्हें आवास, सेप्टिक टैंक, नल कनेक्शन जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं।

महिलाओं ने बताया कि पंचायत की गलियों की सड़कें पूरी तरह जर्जर हो चुकी हैं, जिससे आवागमन में भारी परेशानी होती है। बरसात के दिनों में गलियों और सड़कों पर पानी भर जाता है, जिससे मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा बना रहता है। स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। कई बार खराब सड़कों के कारण ग्रामीण गिर चुके हैं और बड़े हादसों से बाल-बाल बचे हैं।
ग्रामीण महिलाओं ने आरोप लगाया कि उन्होंने कई बार पंचायत में नामांकन फार्म जमा किए, जनपद पंचायत पलारी में भी आवेदन दिए, लेकिन आज तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। शासन-प्रशासन और पंचायत प्रतिनिधियों के पास बार-बार गुहार लगाने के बावजूद महिलाओं को केवल आश्वासन ही मिले हैं।

इसके अलावा गांव में अवैध शराब बिक्री भी बड़ी समस्या बनी हुई है। महिलाओं ने बताया कि अवैध शराब के खिलाफ पलारी थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, कलेक्टोरेट में भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। आज भी गांव में खुलेआम अवैध शराब बेची जा रही है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
शाम के समय गांव के चौक-चौराहों पर नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, जहां गाली-गलौज होती है। इससे महिलाओं और बच्चों में डर का माहौल बना रहता है और वे घर से बाहर निकलने में असुरक्षित महसूस करती हैं। इस संबंध में गांव की महिलाओं दुलारी वर्मा, रामायण चंद्राकर, कौशल्या विश्वकर्मा, फातिमा बाई खान, प्रमिला चंद्राकर, प्रमिला वर्मा, यशोदा धीवर, लीला चंद्राकर, मीना वर्मा, रजवंतीन चंद्राकर, फुलेश्वरी ध्रुव, दुकलहिन ध्रुव सहित अन्य महिलाओं ने शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि जल्द ही मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई गईं और अवैध शराब पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी।

महिलाओं ने मांग की है कि गांव के विकास, सुरक्षा और शांतिपूर्ण माहौल के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और पंचायत प्रतिनिधियों पर तत्काल कार्रवाई की जाए।








