
संवाददाता राजू पाल/ तीन गांवों में शवयात्रा निकालकर धरना स्थल पर किया गया प्रतीकात्मक दाह-संस्कार
अवैध उद्योगों पर तालाबंदी की मांग, छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति का आंदोलन तेज
पिकरीडीह (छत्तीसगढ़)।
प्रशासन द्वारा अवैध रूप से संचालित उमा राइस मिल, मोजो मशरूम एवं मारुति फ्रेश संस्थान पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के विरोध में छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति के बैनर तले चल रहे अनिश्चितकालीन आंदोलन का आज पांचवां दिन रहा।
समिति ने बताया कि लगातार विरोध के बावजूद प्रशासन द्वारा न तो तालाबंदी की गई और न ही कोई ठोस कार्रवाई की गई। इससे आक्रोशित होकर आंदोलनकारियों ने अपराधी उद्योगपति, भ्रष्ट अधिकारी एवं भ्रष्ट राजनेताओं के गठजोड़ का प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली।
यह शवयात्रा धरना स्थल से प्रारंभ होकर पिकरीडीह, गनियारी एवं मुड़पार गांवों से होते हुए पुनः धरना स्थल पहुँची, जहाँ प्रतीकात्मक दाह-संस्कार किया गया।
समिति ने बताया कि पिछले चार दिनों से शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया जा रहा है, परंतु शासन-प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। जबकि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा दिनांक 3 मई 2025 को उमा राइस मिल, मोजो मशरूम एवं मारुति फ्रेश संस्थान को स्पष्ट रूप से बंद करने का आदेश जारी किया गया था तथा बिजली विभाग को विद्युत आपूर्ति बंद करने के निर्देश भी दिए गए थे। इसके बावजूद करीब सात माह से तीनों संस्थान अवैध रूप से संचालित हो रहे हैं, जो अत्यंत शर्मनाक एवं घोर निंदनीय है।
छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति ने बताया कि वर्तमान आंदोलन को अस्थायी रूप से स्थगित करते हुए कल राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया गया है। यदि इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तो समिति द्वारा उग्र आंदोलन किया जाएगा।
आज के धरना-प्रदर्शन में प्रमुख रूप से:
धर्मेंद्र बैरागी, हुलास साहू, नरोत्तम शर्मा, दाऊलाल वर्मा, गोवर्धन, रविशंकर निषाद, केशव साहू, गजेन्द्र वर्मा, राजेश शर्मा, तामेश्वर साहू, तिलक जलक्षत्रि, अजय दीवाकर, हरीश वर्मा, कामेश्वर पाल, धन्नू वर्मा, मदन पाल, अमित उइके एवं तुलसीदास बंजारे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
उक्त जानकारी समिति सचिव धर्मेंद्र बैरागी द्वारा प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से दी गई।
— छत्तीसगढ़ ग्राम विकास एकता समिति








