
पुरानी बस्ती के श्री शीतला माता मंदिर में आज मनाया जाएगा माँ काली प्राकट्य दिवस
रात्रि 9 बजे हवन-पूजन एवं महायज्ञ का आयोजन, श्रद्धालुओं को दी जाएगी माँ काली मंत्र दीक्षा
रायपुर। पुरानी बस्ती स्थित श्री शीतला माता मंदिर, माँ धूमावती सिद्धपीठ एवं दस महाविद्यापीठ में शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को प्रथम महाविद्या माँ काली प्राकट्य दिवस जयंती श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाएगी। इस पावन अवसर पर रात्रि 9 बजे भक्तों के आत्मकल्याण के निमित्त हवन-पूजन, अनुष्ठान एवं महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा।
कार्यक्रम का आयोजन पीठाधीश्वर महाराज नीरज सैनी पुजारी के सान्निध्य में किया जाएगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के लिए माँ काली मंत्र दीक्षा का भी आयोजन किया जाएगा।
माँ काली के प्राकट्य की कथा
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, शुंभ-निशुंभ के अत्याचार से व्यथित होकर देवताओं ने माँ जगदम्बा की स्तुति की थी। तब माँ जगदम्बा के शरीर से कौशिकी का प्राकट्य हुआ। कौशिकी के अलग होते ही जगदम्बा का स्वरूप कृष्ण वर्ण का हो गया, जो आगे चलकर माँ काली के नाम से विख्यात हुआ।
धार्मिक मान्यता के अनुसार माँ काली को शनि ग्रह की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। उनकी साधना एवं आराधना से शनि के कुप्रभाव से मुक्ति, भय एवं रोगों से राहत, शत्रुओं पर विजय, ज्ञान प्राप्ति तथा आध्यात्मिक उन्नति सहित विभिन्न मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना की जाती है।
पूजन में इन सामग्रियों का विशेष महत्व
माँ काली प्राकट्य दिवस के अवसर पर श्रद्धालु माँ को अष्टगंध, लाल सिंदूर, कुमकुम, लाल पुष्प, धूप, दीप, नैवेद्य (मिठाई) तथा काले या लाल वस्त्र अर्पित कर सकते हैं। इसके पश्चात कपूर की आरती कर मनोकामना पूर्ति के लिए माता से प्रार्थना करने का आह्वान किया गया है।
आयोजकों ने हिंदू सनातन वैदिक धर्मावलंबियों एवं माँ काली के भक्तों से हवन-पूजन, अनुष्ठान एवं महायज्ञ में सादर शामिल होने का आग्रह किया है।
स्थान: श्री शीतला माता मंदिर, माँ धूमावती सिद्धपीठ, दस महाविद्यापीठ, पुरानी बस्ती, रायपुर
दिनांक: 4 सितंबर 2026, शुक्रवार
समय: रात्रि 9 बजे
विशेष: हवन-पूजन, महायज्ञ एवं माँ काली मंत्र दीक्षा
संपादक : धीरेंद्र कुमार जायसवाल/9131419735


















