
लाखों खर्च के बाद अकलतरा स्टेशन की हरियाली उजड़ी, विकास कार्य पर उठे सवाल
अकलतरा (जांजगीर-चांपा), संवाददाता हरि देवांगन | जय जोहार सीजी न्यूज़
अकलतरा रेलवे स्टेशन में विकास और सौंदर्यीकरण के नाम पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद हरियाली उजाड़े जाने का मामला सामने आया है। स्टेशन परिसर में बने सरकारी गार्डन को संवारने के बजाय उसे हटाकर नए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

कुछ समय पूर्व ही जय जोहार सीजी न्यूज़ प्लेटफॉर्म पर इस विषय को प्रमुखता से उठाया गया था, ताकि रेलवे प्रशासन की नींद टूटे और विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने आ सके। स्टेशन के टिकट घर के सामने स्थित बगिया को प्रदेश के अनूठे सरकारी गार्डन के रूप में देखा जाता था, जहां विभिन्न प्रकार के कैक्टस पौधों की प्रजातियां लगाई गई थीं।
देखभाल के अभाव में सूखी हरियाली:
स्थानीय लोगों के अनुसार, बगिया में लगे पौधों की उचित देखभाल नहीं की गई। माली की कमी, नियमित पानी और रखरखाव के अभाव में अधिकांश पौधे सूखकर नष्ट हो गए। इसके बाद भी सुधार करने के बजाय पूरे गार्डन को उखाड़कर नए निर्माण कार्य शुरू कर दिए गए।

विकास या संसाधनों की बर्बादी?
जहां एक ओर पहले हरियाली के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए गए, वहीं अब उसी स्थान पर सीमेंट और सरियों का ढांचा खड़ा किया जा रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या यह वास्तविक विकास है या केवल सरकारी धन का दुरुपयोग।

जनता में असमंजस और नाराजगी:
स्टेशन आने वाले यात्री और नगरवासी इस पूरे घटनाक्रम को लेकर असमंजस में हैं। उनका कहना है कि यदि पहले से बनी बगिया को बेहतर तरीके से संवार दिया जाता, तो यह क्षेत्र की पहचान बन सकती थी। लेकिन अब इसे उजाड़कर नए निर्माण कार्य किए जा रहे हैं, जिनकी दिशा और उद्देश्य स्पष्ट नहीं है।
जवाबदेही तय करने की मांग:
स्थानीय लोगों ने रेलवे प्रशासन से इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक धन से किए गए कार्यों का उचित उपयोग होना चाहिए और विकास कार्य योजनाबद्ध तरीके से किए जाने चाहिए।
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