
हरि ओम विश्वकर्मा की रिपोर्ट/ रीजेक्ट मटेरियल से सड़क निर्माण का आरोप, ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों में आक्रोश
बलौदा बाजार। जिला मुख्यालय से राजधानी रायपुर को जोड़ने वाली पडकीडीह–रावन–सकलोर सड़क निर्माण में ठेकेदार द्वारा अनियमितता बरतने का मामला सामने आया है। सड़क निर्माण में मुरूम की जगह रीजेक्ट मटेरियल और काली-पीली मिट्टी डाले जाने का आरोप लगाते हुए क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने कड़ा विरोध जताया है।

जानकारी के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों को रायपुर से जोड़ने वाला यह मुख्य मार्ग वर्षों से जर्जर स्थिति में था। सड़क निर्माण के लिए छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा द्वारा भूमि पूजन किया गया था। लेकिन निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि एक माह पहले भी इसी ठेकेदार द्वारा सड़क में पीली मिट्टी डाली जा रही थी, जिस पर जिला पंचायत सभापति डॉ. मोहन वर्मा सहित ग्रामीणों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उस समय प्रशासन द्वारा मिट्टी का सैंपल जांच के नाम पर मामला शांत कर दिया गया, लेकिन ठेकेदार के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
अब फिर से सड़क निर्माण में मुरूम की जगह लगभग 40 प्रतिशत मिट्टी डाले जाने का आरोप लगाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि प्रति किलोमीटर इस सड़क निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत है, इसके बावजूद गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार सड़क निर्माण करने वाली एसकेसी कंपनी के साइड इंचार्ज शमी अंसारी द्वारा काली मिट्टी डलवाई जा रही है। जब इस संबंध में मौके पर मौजूद इंजीनियरों से सवाल किया गया तो वे स्पष्ट जवाब देने के बजाय गोलमोल जवाब देते नजर आए और मटेरियल को सही ठहराने का प्रयास करते रहे।
जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि साइड इंचार्ज ने उनसे दुर्व्यवहार करते हुए कहा कि “जो करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं कर सकता।” इस बयान से ग्रामीणों में और आक्रोश बढ़ गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए नेवारी सरपंच मनहरण साहू, रावन उपसरपंच टाकेश्वर वर्मा, छिराही सरपंच प्रतिनिधि लिलेन्द साहू, शिवसेना (शिंदे गुट) जिला अध्यक्ष कृष्णा यदू, जिला सचिव इन्द्रजीत साहू सहित कई जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने सुहेला तहसीलदार को मौके पर बुलाकर सड़क में डाली जा रही मिट्टी और निर्माण कार्य की स्थिति दिखाई।
जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि सड़क में डाले गए रीजेक्ट मटेरियल को हटाकर मुरूम या मिश्रित मिट्टी से मजबूती के साथ निर्माण कराया जाए, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा।
इस दौरान मौके पर मौजूद विधायक प्रतिनिधि करण वर्मा ने भी साइड इंचार्ज के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनका रवैया सही रहता तो समस्या का समाधान जल्दी निकल सकता था। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इसी प्रकार का व्यवहार जारी रहा तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सकती है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।








