
सचिव के लगातार तबादले से हथबंद पंचायत में कामकाज ठप्प, ग्रामीणों में नाराजगी
सचिव को यथावत रखने की मांग, जनपद पंचायत सिमगा में सौंपा ज्ञापन
हथबंद | 11 मार्च।
जनपद पंचायत सिमगा अंतर्गत ग्राम पंचायत हथबंद में पंचायत सचिव के लगातार तबादले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर सरपंच, पंचों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत सिमगा तथा जिला पंचायत बलौदाबाजार पहुंचकर नाराजगी जताई और सचिव को यथावत रखने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का आरोप है कि पंचायत सचिव का बार-बार तबादला स्थानीय राजनीति के कारण किया जा रहा है, जिससे पंचायत के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। सरपंच ढालेश्वरी अनंत ने कहा कि सचिव के लगातार बदलने से पंचायत के कई महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित हो रहे हैं और गांव की प्रगति भी रुक रही है।
पंच मूलचंद टंडन ने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के सचिव का बार-बार तबादला किया जाना उचित नहीं है। इससे पंचायत के विकास कार्यों पर असर पड़ रहा है और ग्रामीणों में असंतोष बढ़ रहा है।
इस संबंध में पंचायत प्रतिनिधि विजय निषाद, मूलचंद टंडन, संतराम ध्रुव, पूजा पाल, मीना बघेल, मंजू निषाद सहित ग्रामीण प्रकाश पाल, दिलीप चतुरे और अन्य ग्रामवासी जनपद पंचायत सिमगा पहुंचे और अपनी आपत्ति दर्ज कराते हुए ज्ञापन सौंपा।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर वर्तमान सचिव को यथावत रखा जाए, ताकि पंचायत के विकास कार्य सुचारू रूप से चलते रहें।
वहीं उपसरपंच दिलीप यादव ने कहा कि पंचायत सचिव द्वारा पंचायत की आय-व्यय (आवक-जावक) की जानकारी जनप्रतिनिधियों को नहीं दी जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में हथबंद में खुली नई शराब भट्टी के मामले में पंचायत की राशि लगाकर पंचायत को नुकसान पहुंचाया गया है।
ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों का यह भी आरोप है कि सचिव के स्थानांतरण के पीछे हथबंद के उपसरपंच दिलीप यादव और भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव का हस्तक्षेप है। उनका कहना है कि दोनों आपस में रिश्तेदार हैं, जिसके कारण पंचायत के प्रशासनिक मामलों में प्रभाव डाला जा रहा है।
हालांकि भाजपा जिला अध्यक्ष आनंद यादव ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि वे पंचायत के कार्यों में किसी प्रकार की दखलअंदाजी नहीं करते हैं।








