
जय जोहार सीजी न्यूज़
छत्तीसगढ़ ब्यूरो चीफ: हरि देवांगन
महाशिवरात्रि पर भगवान कालेश्वर नाथ के दरबार में उमड़ा आस्था का सैलाब
जांजगीर-चांपा।
महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर जिले के ग्राम पीथमपुर स्थित आदिकालीन भगवान कालेश्वर नाथ मंदिर में श्रद्धा और आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। ब्रह्म मुहूर्त से ही शिवभक्तों का अपार जनसमूह मंदिर परिसर में उमड़ पड़ा। जिले के साथ-साथ अन्य जिलों से भी श्रद्धालु परिवार व इष्ट मित्रों सहित कांवड़ यात्रा कर बाबा भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंचे।
ग्राम पीथमपुर में आदिकाल से स्थापित भगवान कालेश्वर नाथ का मंदिर वर्षों से श्रद्धालुओं के लिए आस्था और विश्वास का प्रमुख केंद्र रहा है। हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी फागुन माह के प्रथम महाशिवरात्रि पर्व को ग्राम पंचायत एवं जिला मुख्यालय के सहयोग से उत्सव के रूप में मनाया गया।
श्रद्धालुओं ने कांवड़ कंधे पर धारण कर “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयकारों के साथ दूर-दराज़ से पैदल यात्रा करते हुए मंदिर पहुंचकर शिवलिंग पर बेलपत्र, नारियल, पलाश का फूल, धतूरा, कनेर फल सहित पवित्र जल अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की। दर्शन के लिए लंबी कतारें इस पर्व की महत्ता को स्वतः ही दर्शा रही थीं।
महाशिवरात्रि के अवसर पर आयोजित भव्य मेले ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। मेले में केवल धार्मिक आस्था ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता और उत्सव का माहौल भी देखने को मिला। भक्तजन मनोकामना पूर्ति के लिए तथा संकल्प के साथ कालेश्वर नाथ के दरबार में मत्था टेकते नजर आए।
इस अवसर पर नागा साधुओं और साधु-संतों की उपस्थिति विशेष आकर्षण का केंद्र रही। देश के विभिन्न प्रांतों और अखाड़ों से आए सैकड़ों नागा साधुओं ने पहले भगवान भोलेनाथ की पूजा-अर्चना की, इसके पश्चात श्रद्धालुओं ने उनके दर्शन कर मेला भ्रमण किया। नागा साधुओं के करतब और साधना ने श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित किया।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पीथमपुर का महाशिवरात्रि मेला पूरे छत्तीसगढ़ में पारंपरिक शिव मंदिर आयोजनों में एक विशिष्ट स्थान रखता है और यहां की कांवड़ यात्रा श्रद्धालुओं की आस्था एवं संकल्प का प्रतीक मानी जाती है।








