
लोक परंपराएं हमारी सांस्कृतिक पहचान की आत्मा हैं — अमर सुल्तानिया
जांजगीर-चाम्पा। ग्राम मड़वा में आयोजित भव्य मड़ई मेला एवं डांस प्रतियोगिता ग्रामीण संस्कृति, लोक परंपराओं और सामूहिक उल्लास का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया। रंग-बिरंगे परिधानों में सजे कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुतियों, पारंपरिक व आधुनिक नृत्य प्रदर्शन और ग्रामीणों की उत्साही सहभागिता ने पूरे आयोजन को यादगार बना दिया। यह कार्यक्रम सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि गांव की सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करने वाला मंच भी साबित हुआ।
कार्यक्रम में जांजगीर-चाम्पा जिले के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जशपुर जिला संगठन प्रभारी अमर सुल्तानिया विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ मंच पर जनपद पंचायत बलौदा के उपाध्यक्ष शिशुपाल सिंह, सरपंच मड़वा अजय सोनवानी, उपसरपंच ताराशंकर पटेल, लक्षनपुर सरपंच गेंदराम कुर्रे, साहू समाज की उपाध्यक्ष भारती देवी साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
इस अवसर पर अमर सुल्तानिया ने अपने उद्बोधन में कहा कि मड़ई मेला जैसे आयोजन हमारी लोक संस्कृति को जीवित रखने का कार्य करते हैं। उन्होंने कहा कि गांवों की परंपराएं ही भारत की असली ताकत हैं, और जब युवा इनसे जुड़ते हैं तो समाज की जड़ें और अधिक मजबूत होती हैं। उन्होंने स्थानीय कलाकारों की सराहना करते हुए कहा कि सीमित संसाधनों में भी उनकी प्रतिभा प्रशंसनीय है, और ऐसे मंच उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
आयोजन को सफल बनाने में ईश्वर सिंह कंवर, खम्हन सिंह कंवर, बोधराम साहू, बलीराम साहू, अशोक साहू, गोकुल यादव, रामगोपाल यादव, सहेत्तर सिंह, रामलाल पाण्डेय, पुनीराम साहू, सियाराम साहू, श्याम कुमार बरेठ, मोंटी साहू, धीरेन्द्र सिंह, भूमिराज, श्रीकांत साहू, मनक केंवट, बोलो, ताड़केश्वर, संजू, जयकिशन, नितेश, रूद्रेश्वर, गजेन्द्र बरेठ सहित स्थानीय गणमान्य नागरिकों एवं युवाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अथक परिश्रम किया।
प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों के लिए आकर्षक पुरस्कार रखे गए थे, जिससे युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में ग्रामीणों ने मेले, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आपसी मेलजोल का भरपूर आनंद लिया।








