
जय जोहार सीजी न्यूज़/संपादक धीरेंद्र कुमार जायसवाल
अंबिकापुर में सनसनी : देव होटल में ‘फायरिंग’ की खबर से थर्राया शहर, पुलिस और प्रत्यक्षदर्शियों के दावों में उलझा सच!
अंबिकापुर।
सरगुजा संभाग के मुख्यालय अंबिकापुर में शुक्रवार की शाम उस वक्त हड़कंप मच गया, जब शहर के हृदय स्थल में स्थित देव होटल में कथित तौर पर गोली चलने की आवाज सुनाई देने की खबर फैली। व्यस्त इलाके में फायरिंग की सूचना जंगल की आग की तरह फैल गई, जिससे पूरे शहर में दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
होटल परिसर में ‘हवाई फायरिंग’ की चर्चा:
घटनाक्रम के अनुसार, शुक्रवार देर शाम देव होटल परिसर में अचानक दो राउंड फायरिंग की आवाज आने की बात कही गई। वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि परिसर के भीतर गोली चली है, हालांकि यह ‘हवाई फायरिंग’ थी या किसी को निशाना बनाया गया—इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। राहत की बात यह रही कि घटना में कोई हताहत नहीं हुआ।
पुलिस फोर्स के साथ पहुंचे आला अधिकारी:
सूचना मिलते ही कोतवाली और गांधीनगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। कुछ ही देर में अमोलक सिंह ढिल्लो भी दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने होटल परिसर की घेराबंदी कर जांच शुरू की। होटल स्टाफ और मौके पर मौजूद लोगों से लंबी पूछताछ की गई, लेकिन अब तक किसी भी प्रकार के खाली खोखे या गोली चलने के ठोस सबूत मिलने की पुष्टि नहीं हुई है।
एएसपी का बयान : “फायरिंग महज अफवाह, पीछा करने का था विवाद”
मामले की गंभीरता को देखते हुए एएसपी अमोलक सिंह ढिल्लो ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने फायरिंग की घटना को सिरे से खारिज करते हुए इसे महज अफवाह बताया। पुलिस के अनुसार—
पुराना विवाद: हनी सिंह नामक युवक का कुछ लोग बनारस रोड से कार में पीछा कर रहे थे।
रास्ता रोकने की कोशिश: पीछा करने वालों ने उसकी गाड़ी रोकने का प्रयास किया।
होटल में शरण: बचाव के लिए वह देव होटल के भीतर चला गया।
अफवाह का बाजार: इसी हंगामे ने फायरिंग की अफवाह का रूप ले लिया।
खुद हनी सिंह ने भी होटल परिसर में किसी तरह की गोलीबारी से इनकार किया है।
“गोली चलने की सूचना पर गहन जांच की गई है, लेकिन अब तक कोई सबूत नहीं मिले हैं। स्थिति पूरी तरह सामान्य है। पीछा किए जाने के मामले में संबंधित को शिकायत दर्ज कराने को कहा गया है।”
— अमोलक सिंह ढिल्लो, एएसपी, सरगुजा
जांच के घेरे में ‘सच’_
भले ही पुलिस इसे अफवाह बता रही हो, लेकिन शहर के बीचो-बीच एक प्रतिष्ठित होटल में फायरिंग जैसी सूचना ने कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं। क्या यह केवल पीछा करने का मामला था, या जांच के बाद कोई नया तथ्य सामने आएगा? फिलहाल पुलिस होटल के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम का सच सामने आ सके।
(समाचार पर नजर बनी हुई है…)








