
संपादक धीरेंद्र कुमार जायसवाल/ छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन की तीन दिवसीय हड़ताल के अंतिम दिन
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ का राज्यव्यापी समर्थन
रायपुर।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के आह्वान पर आयोजित तीन दिवसीय हड़ताल का अंतिम दिवस गुरुवार को पूरे प्रदेश में शांतिपूर्ण एवं अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने प्रदेश के समस्त जिलों में हड़ताल स्थलों पर उपस्थित होकर फेडरेशन को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया।
स्वामी आत्मानंद योजना अंतर्गत कार्यरत संविदा शिक्षक एवं कर्मचारियों ने फेडरेशन के माध्यम से अपनी 12 सूत्रीय न्यायोचित मांगों को राज्य सरकार के समक्ष रखा और शीघ्र निराकरण की मांग की। संघ का कहना है कि ये मांगें केवल कर्मचारियों के हित से ही नहीं, बल्कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता, स्थायित्व और भविष्य से भी सीधे तौर पर जुड़ी हुई हैं।
इस अवसर पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष श्री दुर्योधन यादव ने कहा—
“स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी बीते कई वर्षों से पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें वे अधिकार नहीं मिल पाए हैं, जिनकी गारंटी दी गई थी। ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को अब जमीन पर उतारने का समय आ गया है। हमारी यह एकजुटता किसी के विरोध में नहीं, बल्कि न्याय, सम्मान और अधिकारों की मांग के लिए है।”
उन्होंने आगे कहा कि संविदा कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लंबे समय से नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके चलते विभिन्न कर्मचारी संगठनों को एक साझा मंच पर आकर संघर्ष का मार्ग अपनाना पड़ा है। यदि शासन द्वारा शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा।
स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक एवं कर्मचारी संघ ने राज्य सरकार से अपील की है कि वह कर्मचारियों की वास्तविक समस्याओं को गंभीरता और संवेदनशीलता से लेते हुए ठोस निर्णय ले, ताकि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सशक्त एवं मजबूत हो सके।








