
संपादक धीरेंद्र कुमार जायसवाल/ अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ? “10 हजार लड़कियां एक्टिव हैं”
“10 हजार लड़कियां एक्टिव हैं” का दावा, फेसबुक पर वायरल RILU ऐप बना रहा छत्तीसगढ़ के युवाओं को निशाना
छत्तीसगढ़ | अंबिकापुर | विशेष रिपोर्ट
“अब अपने शहर में गर्लफ्रेंड बनाओ, क्योंकि अंबिकापुर की 10 हजार लड़कियां इस ऐप पर एक्टिव हैं” —
महज़ 16 सेकेंड के इस भड़काऊ और आकर्षक विज्ञापन के जरिए एक संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन RILU ऐप छत्तीसगढ़ के युवाओं और आम नागरिकों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहा है। यह विज्ञापन फेसबुक जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर तेज़ी से वायरल हो रहा है, जिससे इसकी पहुंच ग्रामीण और शहरी इलाकों तक बढ़ती जा रही है।
स्थानीय इलाकों के नाम लेकर रचा जा रहा भरोसे का जाल: इस विज्ञापन में प्रतापपुर, लुंड्रा, रामानुजगंज, उदयपुर जैसे स्थानीय क्षेत्रों का नाम लेकर यह दावा किया जा रहा है कि यहां की “हजारों लड़कियां” इस ऐप पर एक्टिव हैं। जानकारों के अनुसार, यह रणनीति खासतौर पर ग्रामीण और कस्बाई युवाओं को भ्रमित कर झांसे में लेने के लिए अपनाई जा रही है।
डेटा चोरी और ऑनलाइन फ्रॉड की गंभीर आशंका:
साइबर विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के ऐप्स का मुख्य उद्देश्य युवाओं की भावनाओं का फायदा उठाकर उनका निजी और संवेदनशील डेटा इकट्ठा करना होता है।
ऐप इंस्टॉल करते ही मोबाइल से—
📱 कॉन्टैक्ट लिस्ट
🖼️ फोटो व वीडियो
📍 लोकेशन
🔐 ओटीपी
💳 बैंकिंग से जुड़ी जानकारियां
जैसी संवेदनशील सूचनाओं की अनुमति मांगी जाती है। इसके बाद ऑनलाइन ठगी, ब्लैकमेलिंग और वित्तीय फ्रॉड की आशंका कई गुना बढ़ जाती है।
फर्जी प्रोफाइल और झूठे दावे:
विज्ञापन में भले ही “हजारों लड़कियों के एक्टिव होने” का दावा किया जा रहा हो, लेकिन हकीकत में ऐसे अधिकांश ऐप्स पर प्रोफाइल—
🤖 बॉट द्वारा संचालित
🧑💻 फर्जी फोटो और नाम
📩 स्क्रिप्टेड चैटिंग
के जरिए यूजर को फंसाया जाता है। कई मामलों में शुरुआत में बातचीत के बाद—
💰 प्रीमियम मेंबरशिप के नाम पर पैसे मांगे जाते हैं!
📸 निजी फोटो/वीडियो लेकर ब्लैकमेल किया जाता है!
युवाओं को बनाया जा रहा आसान शिकार:
स्थानीय नामों और “अपने शहर” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर युवाओं में भरोसा पैदा किया जा रहा है। यही कारण है कि अंबिकापुर और आसपास के इलाकों में यह ऐप चर्चा का विषय बनता जा रहा है।
भारत सम्मान की अपील:
भारत सम्मान सभी नागरिकों से अपील करता है कि—
❌ ऐसे भ्रामक और उत्तेजक सोशल मीडिया विज्ञापनों से सावधान रहें!
✅ किसी भी अनजान ऐप को डाउनलोड करने से पहले उसकी विश्वसनीयता जांचें!
🔒 मोबाइल में अनावश्यक परमिशन बिल्कुल न दें!
🚔 किसी भी संदिग्ध गतिविधि या फ्रॉड की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें!
प्रशासन से उठते सवाल:
फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म पर ऐसे विज्ञापनों को अनुमति कैसे मिल रही है?
RILU ऐप के संचालक कौन हैं और कहां से इसे ऑपरेट किया जा रहा है?
क्या साइबर पुलिस इस संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है?
सावधान रहें, सतर्क रहें:
ऑनलाइन रिश्तों और आकर्षक दावों के नाम पर बिछाए जा रहे इस डिजिटल जाल से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखें।








