
तिल्दा-नेवरा में खुलेआम ओवररेटिंग का आरोप, आबकारी विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
190 रुपये की शराब 200 में तो 760 रुपये की बोतल 800 रुपये में बेचने की शिकायत, संवाददाता ने मौके पर पहुंचकर जुटाए साक्ष्य
तिल्दा-नेवरा। नगर में संचालित मदिरा दुकानों में निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर शराब बिक्री किए जाने का मामला सामने आया है। मदिरा प्रेमियों द्वारा लगातार ओवररेटिंग की शिकायत किए जाने के बाद इस मामले की पड़ताल करने संवाददाता धीरेंद्र कुमार जायसवाल स्वयं मदिरा दुकान पहुंचे। मौके पर पहुंचकर उन्होंने शिकायतों की वास्तविकता जानने का प्रयास किया तथा वीडियो रिकॉर्डिंग सहित आवश्यक साक्ष्य जुटाए। संवाददाता के अनुसार, मौके पर निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायत सही पाई गई।
मिली जानकारी एवं शिकायतों के अनुसार, 190 रुपये की शराब के लिए ग्राहकों से 200 रुपये वसूले जाने तथा 760 रुपये की बोतल के बदले 800 रुपये लिए जाने का आरोप है। यदि निर्धारित मूल्य से अधिक राशि लेकर शराब की बिक्री की जा रही है, तो यह उपभोक्ताओं के साथ सीधा अन्याय है। सवाल यह है कि आखिर मदिरा दुकानों में निर्धारित मूल्य का पालन क्यों नहीं किया जा रहा है?

त्योहार आते ही बढ़ने लगती हैं ओवररेटिंग की शिकायतें: स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहारों के दौरान मदिरा दुकानों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ जाती है। इसी दौरान निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूले जाने की शिकायतें भी सामने आने लगती हैं। ऐसे में आम ग्राहक आखिर अपनी शिकायत लेकर कहां जाएं? क्या मदिरा दुकानों में बैठे सेल्समैन और सुपरवाइजर अपनी मनमर्जी से कीमत तय कर रहे हैं? यदि ऐसा है तो उन पर नियंत्रण रखने की जिम्मेदारी किसकी है?
आबकारी विभाग की निगरानी पर सवाल:
लगातार शिकायतों के बावजूद यदि मदिरा दुकानों में ओवररेटिंग जारी है, तो आबकारी विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। क्या विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को इस पूरे मामले की जानकारी नहीं है? यदि जानकारी है तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? आखिरकार सेल्समैन और सुपरवाइजर निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूलने का साहस कहां से जुटा रहे हैं?
क्षेत्र में यह चर्चा भी है कि कहीं विभागीय निगरानी की कमी के कारण तो यह स्थिति निर्मित नहीं हो रही है? हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी या कर्मचारी की मिलीभगत की पुष्टि नहीं हुई है। पूरे मामले की निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
जांच कर दोषियों पर हो सख्त कार्रवाई:
मामले को लेकर आबकारी विभाग के उच्च अधिकारियों से मांग की जा रही है कि तिल्दा-नेवरा की सभी मदिरा दुकानों का औचक निरीक्षण कराया जाए। दुकानों में प्रदर्शित मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य का मिलान किया जाए। साथ ही ग्राहकों को बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। यदि जांच में निर्धारित मूल्य से अधिक राशि वसूले जाने की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या आबकारी विभाग इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करेगा, या फिर मदिरा प्रेमियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ता रहेगा?
संवाददाता – धीरेंद्र कुमार जायसवाल
जय जोहार सीजी न्यूज़






















