
हिरासत में तबीयत बिगड़ने के बाद आरोपी की मौत, चांपा थाने में परिजनों का हंगामा
20 लीटर अवैध महुआ शराब के मामले में हुई थी कार्रवाई, पुलिस ने मिर्गी का दौरा पड़ने से गिरकर चोट लगने की बताई वजह; आरक्षक निलंबित
चांपा। थाना चांपा में आबकारी एक्ट के तहत हिरासत में लिए गए एक व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत के बाद गुरुवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने थाना परिसर में जमकर हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत के दौरान मारपीट का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
मिली जानकारी के अनुसार स्टेशन रोड मेहंदीपारा निवासी 35 वर्षीय शिव सहिस उर्फ मनीराम को 9 सितंबर को आबकारी एक्ट के तहत करीब 20 लीटर अवैध महुआ शराब रखने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। हिरासत के दौरान उसकी तबीयत बिगड़ने के बाद उसे चांपा के बिसाहू दास महंत चिकित्सालय ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे जिला चिकित्सालय जांजगीर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर फैलते ही परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग चांपा थाना पहुंच गए। पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए लोगों ने थाना परिसर में धरना-प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। स्थिति को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। विरोध-प्रदर्शन के कारण थाना परिसर के आसपास के मार्गों पर जाम की स्थिति भी निर्मित हुई।
पुलिस ने बताई अलग वजह:
पुलिस की ओर से बताया गया कि आरोपी से पूछताछ के दौरान उसे मिर्गी का दौरा पड़ा और गिरने से सिर में गंभीर चोट लगी। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने पर पहले स्थानीय अस्पताल और फिर जिला अस्पताल में उपचार कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई। हालांकि, परिजन और प्रदर्शनकारी पुलिस के इस स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
आरक्षक निलंबित:
घटना के बाद जांजगीर-चांपा पुलिस अधीक्षक कार्यालय से जारी आदेश में आरक्षक ईश्वर/ईश्वरी राठौर के खिलाफ घोर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई है। आदेश के अनुसार निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता रहेगी।
हत्या का मामला दर्ज करने की मांग:
परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान क्या हुआ, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने, दोषियों पर कार्रवाई तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है। वहीं पुलिस प्रशासन की ओर से मामले की जांच के बाद वास्तविक कारण सामने आने की बात कही जा रही है।
अब पूरे मामले में जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की वास्तविक वजह तथा हिरासत के दौरान हुई घटनाओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
जय जोहार छत्तीसगढ़ न्यूज़
संवाददाता — हरि देवांगन


















