
सीएसआर से बदल रही ग्राम मढ़ी की तस्वीर, गौरी गणेश स्पंज आयरन प्लांट के विकास कार्यों की ग्रामीणों ने की सराहना
तिल्दा-नेवरा। तिल्दा विकासखंड के ग्राम मढ़ी में गौरी गणेश स्पंज आयरन प्लांट द्वारा कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत किए जा रहे विकास कार्यों से गांव की तस्वीर लगातार बदल रही है। शिक्षा, जल संरक्षण, स्वच्छता और सामुदायिक सुविधाओं के क्षेत्र में कंपनी द्वारा किए गए कार्यों का लाभ सीधे ग्रामीणों को मिल रहा है।
कंपनी ने गांव के प्रमुख जल स्रोत धोबा तालाब का सौंदर्यीकरण कर उसके घाटों की मरम्मत और पूरे परिसर की सफाई कराई है। इससे तालाब की उपयोगिता बढ़ी है और जल संरक्षण को भी मजबूती मिली है। ग्रामीणों का कहना है कि तालाब के सुधार से भूजल स्तर में भी सकारात्मक प्रभाव देखने को मिला है।
शिक्षा के क्षेत्र में भी प्लांट प्रबंधन ने महत्वपूर्ण योगदान दिया है। ग्राम मढ़ी के हाई स्कूल में भव्य मुख्य द्वार का निर्माण कराया गया है। साथ ही विद्यालय भवन में नई खिड़कियां लगवाई गई हैं, जिससे कक्षाओं में रोशनी और वेंटिलेशन की बेहतर व्यवस्था हो सकी है। विद्यार्थियों की सुविधा के लिए स्कूल परिसर में प्रार्थना शेड का निर्माण भी कराया गया है, जिससे अब धूप और बारिश के दौरान भी प्रार्थना सभा सुचारू रूप से आयोजित की जा रही है।
ग्राम पंचायत भवन परिसर में चौपाल शेड का निर्माण कर ग्रामीणों को बैठकों और सामाजिक कार्यक्रमों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा गांव के आस्था केंद्र महामाया मंदिर का पुनर्निर्माण कर उसे नया स्वरूप दिया गया है, जिससे मंदिर की सुंदरता और धार्मिक महत्व में वृद्धि हुई है।
प्लांट प्रबंधन के अनुसार सीएसआर मद से प्रतिवर्ष सात लाख रुपये से अधिक की राशि ग्राम मढ़ी के विकास कार्यों पर खर्च की जा रही है। इन प्रयासों से गांव में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है और ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आया है।
स्थानीय ग्रामीणों ने कंपनी के विकास कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि तालाब के सौंदर्यीकरण, स्कूल में नई सुविधाओं और सामुदायिक भवनों के निर्माण से गांव को सीधा लाभ मिला है। इससे गांव के सामाजिक और शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
कंपनी प्रबंधन ने बताया कि भविष्य में भी सीएसआर के तहत ग्राम मढ़ी की आवश्यकताओं के अनुरूप नए विकास कार्य किए जाएंगे और गांव को एक आदर्श ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे।












