
RES विभाग में ‘खेला’: 15 साल से एक ही कुर्सी पर जमे बाबू, ट्रांसफर नीति की उड़ी धज्जियां
बलौदाबाजार। जिला मुख्यालय स्थित ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (RES) विभाग में स्थानांतरण नीति को ठेंगा दिखाने का मामला सामने आया है।
क्या है मामला:
सूत्रों के अनुसार, RES कार्यालय में एक लिपिक/कर्मचारी लगभग 15 वर्षों से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ है। शासन के नियमानुसार किसी भी अधिकारी-कर्मचारी को जिले में 3 वर्ष से अधिक एक ही कार्यालय में नहीं रखा जा सकता, लेकिन यहाँ इस नियम की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
‘बाबू राज’ से ठप फाइलें:
विभागीय सूत्र बताते हैं कि उक्त कर्मचारी की सहमति के बिना विभाग में ‘पत्ता तक नहीं हिलता’। कई ठेकेदार कार्यालय के चक्कर काटते देखे जाते हैं। आरोप है कि यदि कर्मचारी नाराज हो जाए तो फाइलें महीनों तक अटक जाती हैं। हैरानी की बात यह है कि वरिष्ठ अधिकारी भी इस स्थिति पर मौन हैं।
गोपनीयता के नाम पर खेल:
बताया जा रहा है कि विभाग के अति संवेदनशील कार्यों व गोपनीयता का हवाला देकर कर्मचारी को लंबे समय से यहीं रखा गया है। लेकिन जिला मुख्यालय में बैठे जिम्मेदार अधिकारियों की नाक के नीचे नियमों की यह अनदेखी कई सवाल खड़े करती है।
उठ रहे सवाल:
1. 3 साल की स्थानांतरण नीति सिर्फ कागजों पर क्यों?
2. एक ही कर्मचारी को 15 साल से क्यों नहीं हटाया गया?
3. क्या किसी बड़े नेता या ठेकेदार का संरक्षण प्राप्त है?
4. लंबे समय तक एक ही स्थान पर रहने से भ्रष्टाचार की आशंका को नकारा नहीं जा सकता।
प्रशासन की चुप्पी:
इस संबंध में जब RES के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल सका। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले पर संज्ञान लेता है या नहीं।













