
कसडोल। छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम देवरीकला में अंधविश्वास का एक ऐसा खेल चल रहा है, जिसने कई लोगों को अपने जाल में फंसा रखा है। आरोप है कि गांव के सरपंच और जिला पंचायत सदस्य के पति खुद को तंत्र-मंत्र और देवी शक्ति का जानकार बताकर लोगों से झाड़-फूंक के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक हर रविवार को उनके घर के बाहर दूर-दूर से लोगों की भीड़ जुटती है। कोई बीमारी ठीक कराने आता है तो कोई टोना-टोटका हटवाने। दावा किया जाता है कि बाबा के अंदर “बजरंग बली” आता है और वह हर समस्या का समाधान कर देते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच में यह इलाज है या फिर लोगों की मजबूरी और डर का फायदा उठाकर किया जा रहा हैं
स्थानीय लोगों का कहना है कि कई साल पहले बाबा ने गांव में खुद को चमत्कारी बाबा के रूप में पेश करना शुरू किया था। झाड़-फूंक के दौरान लोगों को डराया जाता, पीटा जाता और उनसे पूजा-पाठ के नाम पर पैसे लिए जाते थे। यहां तक कि चढ़ावे में आए नारियल और पूजा सामग्री तक को दोबारा बेचने की बात सामने आई थी।
बताया जाता है कि मीडिया में खबरें आने के बाद यह काम खुलेआम कम जरूर हुआ, लेकिन अब बंद कमरों में जारी है। सूत्रों की मानें तो इसी कारोबार के दम पर बाबा ने करोड़ों की संपत्ति खड़ी कर ली है। हैरानी की बात यह भी है कि कथित बाबा पहले कई मामलों में जेल तक जा चुका है, इसके बावजूद उसका धंधा लगातार बढ़ता जा रहा है।
अब बड़ा सवाल प्रशासन और पुलिस की कार्रवाई पर खड़ा हो रहा है। आखिर कब तक अंधविश्वास के नाम पर भोले-भाले लोगों को गुमराह किया जाता रहेगा? ग्रामीणों ने मांग की है कि ऐसे ढोंगी बाबाओं पर सख्त कार्रवाई हो और लोगों को वैज्ञानिक सोच अपनाने के लिए जागरूक किया जाए।
बाबा से इलाज कराने दूर-दराज से पहुंच रहे लोग, अंधविश्वास का खेल जारी
जानकारी के मुताबिक कथित बाबा की तंत्र विद्या इतनी मशहूर हो चुकी है कि छत्तीसगढ़ के कई जिलों से लोग अपनी समस्याएं लेकर यहां पहुंच रहे हैं। कोई पारिवारिक विवाद से परेशान है तो कोई बीमारी और मानसिक तनाव का समाधान ढूंढने बाबा के दरबार में पहुंच रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि बाबा का ऐसा मायाजाल फैला हुआ है कि एक बार झाड़-फूंक कराने आने वाले लोग दोबारा भी यहां पहुंच जाते हैं। रविवार को बाबा के दरबार में भारी भीड़ देखने को मिली। लंबी कतारों में खड़े लोग अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए।
दरबार में पहुंचे कुछ लोगों ने बताया कि वे घर में लगातार हो रहे लड़ाई-झगड़े और परेशानियों से छुटकारा पाने की उम्मीद लेकर आए हैं। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक लोगों की अंधविश्वास पर आस्था बनी रहेगी, तब तक ऐसे ढोंगी बाबाओं का खेल चलता रहेगा।
लोगों ने यह भी बताया कि बाबा रविवार के अलावा मंगलवार को भी झाड़-फूंक और तंत्र क्रिया करने का दावा करता है, जिसके चलते हर सप्ताह यहां बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं।














