
रावन अल्ट्राटेक सीमेंट के सैकड़ों मजदूरों ने उठाए सवाल, कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार पर लगाए गंभीर आरोप
बलौदाबाजार। रावन स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट, ग्रासिम विहार एवं महाराजा ब्रदर्स से जुड़े सैकड़ों मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन और ठेकेदार के खिलाफ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नाराजगी जताई है। मजदूरों का आरोप है कि लंबे समय से उन्हें कॉलिंग ड्यूटी, निर्धारित हाजिरी और उचित मेहनताना नहीं दिया जा रहा है, जिसके कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मजदूरों के अनुसार, रैक-टू-रैक कार्य के एग्रीमेंट के बाद वे शिफ्ट में ड्यूटी करते थे। उनका कहना है कि कंपनी प्रबंधन, ELC, ठेकेदार और यूनियन के बीच हुए समझौते के अनुसार मजदूरों को कॉलिंग ड्यूटी दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन अब उन्हें नियमित रूप से कॉलिंग ड्यूटी के लिए नहीं बुलाया जा रहा है।
मजदूरों का कहना है कि इस संबंध में कंपनी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार को कई बार आवेदन एवं मौखिक रूप से जानकारी दी गई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। मजदूरों के मुताबिक, करीब सात वर्षों से यह समस्या बनी हुई है।
26 दिन की हाजिरी की मांग:
मजदूरों ने आरोप लगाया कि उन्हें महीने में 26 दिन की हाजिरी मिलनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में निर्धारित हाजिरी नहीं दी जा रही है। उनका कहना है कि ड्यूटी कम होने से उनकी मासिक आय प्रभावित हो रही है और परिवार के पालन-पोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
इसके साथ ही मजदूरों ने आरोप लगाया कि ठेका मजदूर, सप्लाई BSR और अन्य श्रमिकों को भी कंपनी के निर्धारित अथवा शासन द्वारा निर्धारित बढ़े हुए रेट के अनुसार भुगतान नहीं किया जा रहा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
स्थानीय बेरोजगारों को काम देने की मांग:
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र के स्थानीय बेरोजगारों को पर्याप्त रोजगार का अवसर नहीं मिल रहा है, जबकि बाहरी लोगों को काम में रखा जा रहा है। उन्होंने स्थानीय श्रमिकों को प्राथमिकता देने की मांग की है।
15 दिनों में समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी: मजदूरों ने कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि उन्हें नियमानुसार 26 दिनों की हाजिरी दी जाए। यदि 26 दिन की हाजिरी देना संभव नहीं है तो उनके अनुसार क्षतिपूर्ति प्रदान की जाए और 15 दिनों के भीतर उनकी समस्याओं का समाधान किया जाए।
मजदूरों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि में उनकी मांगों पर चर्चा कर समाधान नहीं किया गया तो वे अपने हक और अधिकार के लिए कंपनी गेट के सामने आंदोलन करने को मजबूर होंगे। मजदूरों ने इसके लिए कंपनी प्रबंधन एवं महाराजा ब्रदर्स ठेकेदार को जिम्मेदार ठहराने की बात कही है।
नोट: मजदूरों द्वारा लगाए गए आरोपों पर कंपनी प्रबंधन और संबंधित ठेकेदार का पक्ष सामने आने के बाद खबर को और अधिक संतुलित रूप से अपडेट किया जा सकता है।

















