
बूटेना–धौराभाटा सड़क की बदहाली को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने SDM को सौंपा ज्ञापन
भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क क्षतिग्रस्त होने का आरोप, जल्द मरम्मत नहीं होने पर चक्काजाम की चेतावनी
तखतपुर, 25 अगस्त 2026। तखतपुर विधानसभा क्षेत्र के बूटेना, मुरु, डिघोरा, मेड़पार छोटा, मोहदा और धौराभाटा को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने मंगलवार को अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) तखतपुर को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने सड़क की तत्काल मरम्मत और स्थायी रूप से गुणवत्तापूर्ण निर्माण कराने की मांग की है।

संगठन के बलराम साहू ने बताया कि बारिश के चलते सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। गड्ढों में पानी और कीचड़ भरने से राहगीरों, वाहन चालकों और स्कूली बच्चों को आवागमन में परेशानी हो रही है। सड़क की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के बिलासपुर जिला अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि ब्रज आयरन एंड स्टील प्लांट तथा आसपास संचालित कोल डिपो में आने-जाने वाले भारी एवं ओवरलोड वाहनों की लगातार आवाजाही से सड़क को नुकसान पहुंच रहा है। संगठन ने प्रशासन से संबंधित वाहनों के आवागमन को नियंत्रित करने और नियमों के उल्लंघन की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

भागवत सूर्यवंशी ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से प्रशासन से बूटेना–धौराभाटा सड़क का जल्द से जल्द गुणवत्तापूर्ण एवं स्थायी निर्माण कराने, क्षतिग्रस्त हिस्सों में तत्काल मरम्मत कराने तथा सड़क की खराब स्थिति के लिए जिम्मेदार लोगों और संस्थानों की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।
वहीं, छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के ब्लॉक उपाध्यक्ष लोकेश निषाद ने चेतावनी दी कि यदि ग्रामीणों की मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई और सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं किया गया, तो ग्रामीणों के साथ मिलकर चक्काजाम और आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि इसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग और प्रशासन की होगी।
संगठन के निहाल मानिकपुर ने कहा कि जनता की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा और सड़क निर्माण की मांग को लेकर संघर्ष जारी रहेगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान बलराम साहू, भागवत सूर्यवंशी, निहाल मानिकपुर, लोकेश निषाद, विजय श्रीवास्तव, कमलेश श्रीवास्तव, हेमंत साहू, कासीराम, विश्राम, गज्जू, हेमंत, गोविंद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।

















