
नकटी गांव में गरीबों के मकान तोड़े जाने के विरोध में शिवसेना (UBT) ने सौंपा ज्ञापन
बेमेतरा। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) छत्तीसगढ़ के प्रदेश महासचिव दाऊ राम चौहान के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम बेमेतरा जिला कलेक्टर प्रतिष्ठा ममगाईं को ज्ञापन सौंपकर रायपुर के समीप ग्राम नकटी में प्रशासन द्वारा गरीब परिवारों के मकान तोड़े जाने की घटना पर कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
दाऊ राम चौहान ने बताया कि पार्टी प्रमुख डॉ. आनंद मल्होत्रा के निर्देश पर यह ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हाल ही में ग्राम नकटी में भारी बारिश के दौरान प्रशासन ने पुलिस बल की मौजूदगी में लगभग 80 से 85 गरीब, मजदूर एवं आदिवासी परिवारों के मकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें बेघर कर दिया। शिवसेना (UBT) ने इसे अमानवीय एवं संवेदनहीन कार्रवाई बताते हुए तत्काल न्याय की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि मानसून के दौरान छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को बिना वैकल्पिक व्यवस्था के बेघर करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। पार्टी का दावा है कि जिन मकानों को तोड़ा गया, उनमें से कई प्रधानमंत्री आवास योजना एवं इंदिरा आवास योजना के तहत स्वीकृत थे। ऐसे मकानों को अवैध बताकर ध्वस्त करना शासन के निर्णयों के विपरीत और निंदनीय है।
शिवसेना (UBT) ने यह भी आरोप लगाया कि गौचर भूमि खाली कराने के नाम पर भविष्य में वीआईपी कॉलोनी विकसित करने की चर्चा है। पार्टी ने कहा कि यदि ऐसा है तो गरीबों को हटाकर रसूखदारों को लाभ पहुंचाना न्यायसंगत नहीं है।

ज्ञापन में शासन से मांग की गई है कि जिन परिवारों के मकान तोड़े गए हैं, उन्हें नवा रायपुर अथवा समीपवर्ती क्षेत्र में तत्काल निःशुल्क पक्के ईडब्ल्यूएस आवास उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही मकान एवं घरेलू सामान के नुकसान का आकलन कर उचित आर्थिक मुआवजा दिया जाए।
पार्टी ने वर्षा ऋतु को देखते हुए आगामी चार माह तक प्रदेश में किसी भी बेदखली एवं ध्वस्तीकरण की कार्रवाई पर रोक लगाने तथा बिना पुनर्वास नीति के कार्रवाई के आदेश देने वाले जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की भी मांग की है।
दाऊ राम चौहान ने कहा कि यदि पीड़ित परिवारों को शीघ्र न्याय, सम्मानजनक आवास और उचित मुआवजा नहीं दिया गया, तो शिवसेना (UBT) जनता के हित में उग्र आंदोलन एवं जेल भरो आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।














