
जनगणना में छत्तीसगढ़ी भाषा के लिए अलग कॉलम की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
बिलासपुर | 27 अप्रैल 2026
छत्तीसगढ़िया समाज एवं छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना, बिलासपुर के नेतृत्व में जनगणना में छत्तीसगढ़ी भाषा को पृथक पहचान दिलाने की मांग को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे और भाषा, संस्कृति एवं अधिकारों की रक्षा को लेकर जोरदार आवाज उठाई गई।
ज्ञापन में संगठन के जिला संयोजक अनिल कुमार पाली ने आरोप लगाया कि भारत की जनगणना प्रक्रिया में छत्तीसगढ़ी भाषा को हिंदी के अंतर्गत समाहित किया जा रहा है, जो भाषाई अस्मिता के साथ अन्याय है।
युवा अध्यक्ष मनोज कौशिक ने कहा कि छत्तीसगढ़ी एक समृद्ध और स्वतंत्र भाषा है, जिसे अलग पहचान मिलना उसका संवैधानिक अधिकार है।
वहीं, जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिला अध्यक्ष शैलु ठाकुर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जनगणना में छत्तीसगढ़ी भाषा को अलग कोड नहीं दिया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
📌 मुख्य मांगें
👉 जनगणना में छत्तीसगढ़ी को अलग भाषा के रूप में मान्यता
👉 पृथक भाषा कोड प्रदान किया जाए
👉 संवैधानिक संरक्षण एवं आधिकारिक दर्जा
👉 भाषा आधारित योजनाओं में प्राथमिकता
👉 संरक्षण व संवर्धन के लिए ठोस नीति
🗣️ नारे: “जोहार छत्तीसगढ़, जनगणना म छत्तीसगढ़ी के कॉलम जोड़व”
✍️ संवाददाता
रामगोपाल जायसवाल
जय जोहार सीजी न्यूज़
👉 अधिक खबरों के लिए विजिट करें:
www.jayjoharcgnews.com�






















