
संपादक धीरेन्द्र कुमार जायसवाल/ न्यूज़रूम से राज्यसभा तक? ओडिशा की सियासत में डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय का नाम चर्चा में
भुवनेश्वर |
ओडिशा में आगामी 2 अप्रैल को होने वाले राज्यसभा चुनाव से पहले राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। चार सीटों के लिए संभावित उम्मीदवारों के नामों पर मंथन जारी है। इसी बीच वरिष्ठ पत्रकार, शिक्षाविद् और सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. पबित्र मोहन सामंतराय का नाम राजनीतिक और मीडिया गलियारों में प्रमुखता से उभरकर सामने आया है।
डॉ. सामंतराय वर्तमान में ओड़िया दैनिक पर्यवेक्षक (Paryabekhyak) तथा अंग्रेज़ी दैनिक द कालिंगा क्रॉनिकल (The Kalinga Chronicle) के एडिटर-इन-चीफ हैं। राष्ट्रीय स्तर पर वे राष्ट्रीय पत्रकार महासंघ (RPM), नेशनल मीडिया कॉन्फेडरेशन (NMC) और इंडियन फेडरेशन ऑफ स्मॉल एंड मीडियम न्यूज़पेपर्स (IFSMN), नई दिल्ली—जैसे प्रतिष्ठित संगठनों में राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं।
सार्वजनिक जीवन से उनका जुड़ाव कई दशकों पुराना है। वर्ष 2009 में उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के रूप में ओडिशा विधानसभा के बर्चना निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा था। इसके बाद से वे निरंतर मीडिया अधिकारों, पत्रकारों की सुरक्षा और सामाजिक-सांस्कृतिक अभियानों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं।
पत्रकारिता और जनसेवा के साथ-साथ डॉ. सामंतराय वैदिक ज्ञान और मूल्य-आधारित शिक्षा के प्रसार में भी उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं। बीते चार दशकों में उन्होंने देशभर—विशेषकर ओडिशा—में कई शैक्षणिक संस्थानों की स्थापना एवं सहयोग किया है। वे वर्तमान में वैदिक इंटरनेशनल फाउंडेशन तथा महारिषि इंटरनेशनल ज्ञान फाउंडेशन के अध्यक्ष हैं और अनेक राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संगठनों के सलाहकार भी हैं।
पत्रकारिता, शिक्षा, वैदिक परंपरा और सामाजिक सेवा के क्षेत्रों में उनके दीर्घकालिक योगदान को देखते हुए राज्यसभा की संभावित उम्मीदवारी को लेकर राजनीतिक विश्लेषकों और मीडिया जगत में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चुनाव की तारीख नजदीक आते ही ओडिशा की सियासत का परिदृश्य लगातार बदल रहा है, और डॉ. सामंतराय का नाम इस राज्यसभा चुनावी समीकरण में एक नया आयाम जोड़ता दिखाई दे रहा है।








